Monday, September 14, 2026

इसुदान गढ़वी: पशुपालकों को केवल 5 पशुओं का चारा मिलता है, वह भी सात दिन में

by editor
इसुदान गढ़वी: पशुपालकों को केवल 5 पशुओं का चारा मिलता है, वह भी सात दिन में

इसुदान गढ़वी: किसानों को गांव में ही चारा मिल सके, इस तरह की व्यवस्था की जाए

आम आदमी पार्टी के गुजरात प्रदेश अध्यक्ष तथा जाने-माने किसान नेता इसुदान गढ़वी ने आज खंभालिया तालुका के दांता गांव में चारा डिपो का दौरा किया था और इस दौरान उन्होंने वीडियो के माध्यम से बताया था कि, आज देवभूमि द्वारका जिले के खंभालिया तालुका के दांता गांव में चारा डिपो के दौरे के दौरान किसान नेता रामजीभाई सहित मेरी टीम मौजूद रही। यहां दो-तीन गंभीर मुद्दों के बारे में मुझे जानकारी मिली कि किसानों का सात दिन में नंबर आता है और अगर किसान के पास पांच पशुओं से ज्यादा हैं तो उसे चारा नहीं मिलता है। सात दिन बाद केवल पांच पशुओं के लिए चारा मिलता है। इस क्षेत्र में ज्यादा चारा डिपो नहीं हैं, इसलिए लोगों को दूर-दूर से आना पड़ता है। मान लीजिए कि धरमपुर से कोई व्यक्ति आता है तो उस व्यक्ति को पहले 195 रुपये का टोल नाका भरना पड़ेगा, फिर एक गट्ठर वापस लेकर जाएगा तब उसे ₹500 से 600 रुपये किराया चुकाना पड़ेगा और गट्ठर 280 रुपये में मिलते हैं। यहां मजदूर भी नहीं हैं, तो कई किसानों के पास अगर कोई व्यक्ति न हो तो गट्ठर चढ़ाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।

also read: इसुदान गढ़वी: 30 सितंबर तक इंतजार करने के बजाय बिगड़ती…

इसके अलावा आम आदमी पार्टी के किसान नेता इसुदान गढ़वी ने बताया था कि, मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री से विनती है कि AC चैंबर से बाहर निकलें और एक दिन किसी को बताए बिना चारा डिपो में आएं। मुख्यमंत्री से अपील करूंगा कि आप स्वयं गट्ठर लेते हों, इस तरह आप यहां आएं तो आपको पशुपालकों की स्थिति का पता चलेगा। देवभूमि द्वारका में 2,54,000 किसान हैं और उनमें से अधिकांश के पास अपने पशु हैं। और उन पशुओं को चारे के लिए सात दिन इंतजार करना पड़े तो क्या पशु उपवास करेंगे? यहां सोने से ज्यादा घड़ाई महंगी पड़े ऐसी स्थिति है। यहां जो चारा है वह भी सड़ा हुआ है, उसे खाया नहीं जा सकता। और जो भी चारा मिलता है उसके लिए किराया चुकाना पड़ता है तो 150 रुपये प्रति किलो पड़ता है। मेरी विनती है कि चारे और चारा डिपो की संख्या बढ़ाई जाए, हमारे पास तलाटी और सरपंच हैं, तो गांव-गांव में चारा डिपो की व्यवस्था हो तो किसान को किराया नहीं चुकाना पड़े। जो पांच पशुओं की सीमा में चारे की संख्या है, उसे हटाया जाए ऐसी हमारी मांग है, सभी पशुपालकों को पर्याप्त चारा दिया जाए और उनके गांव में ही चारा मिले तथा अच्छी गुणवत्ता का चारा मिले ऐसी हमारी मांग है।

You may also like

तलाक की खबरों के बीच आकांक्षा चमोला ने गौरव खन्ना को किया अनफॉलो, हटाईं कपल की तस्वीरें पितृसत्ता पर भड़कीं फातिमा सना शेख, ‘पितृसत्ता सिर्फ पुरुषों की गलती नहीं’ आम्रपाली दुबे का फूटा गुस्सा, काजी तौकीर से बोलीं- ‘हद में रह तू, जिंदगी हराम कर दूंगी’ मैरी कॉम से भिड़ीं रीति तिवारी, बोलीं- ‘पीठ पीछे बात मत करना’ अरिश्फा खान का फूटा गुस्सा, घरवालों को दी चेतावनी- ‘Gen-Z हूं, ऐसे ट्रीट करो!’