IPL : ईडन गार्डन्स में खेले गए इस मैच में कोलकाता को हर हाल में जीत की आवश्यकता थी, ताकि उसकी प्लेऑफ की उम्मीदें बनी रहतीं। लेकिन अपने घर में उसे डिफेंडिंग चैंपियन को टूर्नामेंट से बाहर होते देखना पड़ा।
IPL 2025 से सबसे पहले बाहर होने वाली चेन्नई सुपर किंग्स ने लगातार हार के सिलसिले को तोड़ते हुए टूर्नामेंट में अपनी तीसरी जीत हासिल की। ईडन गार्डन्स में खेले गए रोमांचक और उतार-चढ़ाव वाले मुकाबले में चेन्नई ने कोलकाता नाइट राइडर्स को आखिरी ओवर में 2 विकेट से हराया। इस जीत के साथ ही चेन्नई ने डिफेंडिंग चैंपियन कोलकाता की प्लेऑफ की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया। लगातार 4 मैचों में हार के बाद चेन्नई को अंततः जीत मिली, जिसमें प्रमुख योगदान स्टार स्पिनर नूर अहमद और युवा बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस का था, जिन्होंने मैच को चेन्नई के पक्ष में बदलने में अहम भूमिका निभाई।
7 मई, बुधवार को खेले गए इस मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहले बल्लेबाजी की। पहले ही ओवर में पहला विकेट खोने के बाद, सुनील नरेन और कप्तान अजिंक्य रहाणे ने मिलकर शानदार साझेदारी की और टीम को संभाला। हालांकि, 103 रन के आंकड़े तक आते-आते टीम ने तीन और विकेट गंवा दिए। ऐसे में आंद्रे रसेल ने कुछ बड़े शॉट्स लगाए और टीम को 179 रन तक पहुंचाया। मनीष पांडे ने 36 रन की नाबाद पारी खेली, लेकिन उन्होंने इसे 28 गेंदों में किया, जिससे टीम बड़ा स्कोर बनाने में नाकाम रही। चेन्नई के लिए युवा स्पिनर नूर अहमद सबसे प्रभावशाली रहे, जिन्होंने 31 रन देकर 4 विकेट लिए।
चेन्नई ने भी पहले ओवर में ही फॉर्म में चल रहे आयुष म्हात्रे का विकेट खो दिया, लेकिन रिप्लेसमेंट प्लेयर के तौर पर टीम में शामिल हुए उर्विल पटेल ने अपनी दूसरी गेंद पर छक्का लगाकर धमाल मचा दिया। टी20 क्रिकेट में सबसे तेज शतक बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज उर्विल पटेल ने इसके बाद अगली कुछ गेंदों में इसी तरह का हमला जारी रखा और सिर्फ 11 गेंदों में 31 रन बनाकर टीम को तेज शुरुआत दी। हालांकि, इसके बाद हर्षित राणा और वरुण चक्रवर्ती के तूफान का सामना करना पड़ा और टीम सिर्फ 60 रन तक आते-आते 5 विकेट खो बैठी।
यहां तक कि चेन्नई की हार निश्चित नजर आ रही थी, लेकिन इस समय युवा बल्लेबाज डेवाल्ड ब्रेविस ने मोर्चा संभालते हुए हमला बोल दिया। ब्रेविस ने खासतौर पर वैभव अरोड़ा को निशाना बनाते हुए उनके एक ओवर की सभी 6 गेंदों पर चौके और छक्के लगाए और 30 रन बना डाले। इस तरह उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। उनके आउट होने के बाद, शिवम दुबे ने भी कुछ बड़े शॉट्स लगाकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया। आखिरी ओवर में सिर्फ 9 रन चाहिए थे, लेकिन टीम के पास केवल 2 विकेट थे। ऐसे में एमएस धोनी ने आंद्रे रसेल की पहली ही गेंद पर छक्का मारा, फिर चौथी गेंद पर अंशुल कम्बोज ने चौका लगाकर टीम को यादगार जीत दिला दी।