भारत-ओमान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: पीएम मोदी और ओमान सुल्तान ने किए हस्ताक्षर, भारतीय व्यवसायों के लिए नए अवसर खुलेंगे

by Neha
भारत-ओमान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट: पीएम मोदी और ओमान सुल्तान ने किए हस्ताक्षर, भारतीय व्यवसायों के लिए नए अवसर खुलेंगे

भारत-ओमान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर, वस्त्र, चमड़ा, कृषि उत्पाद, दवाइयां और ऑटोमोबाइल के निर्यात को बढ़ावा, रोजगार और MSME को मिलेगा लाभ।

भारत और ओमान ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर औपचारिक हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर ओमान के सुल्तान हसीम बिन तारिक अल सईद से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने के लिए चर्चा की। इस दौरान ओमान सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ से सम्मानित किया।

भारत के उद्योगों और रोजगार पर प्रभाव

इस समझौते से भारत के श्रम-प्रधान और निर्यातक क्षेत्रों जैसे वस्त्र, चमड़ा, जूते, रत्न-आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, प्लास्टिक, फर्नीचर, कृषि उत्पाद, दवाइयां, मेडिकल डिवाइस और ऑटोमोबाइल को निर्यात बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे MSME, कारीगर और महिला-नेतृत्व वाले उद्यम मजबूत होंगे और नए रोजगार सृजन के अवसर पैदा होंगे। यह भारत का पिछले छह महीनों में दूसरा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट है, जो व्यापार और आर्थिक विकास में मदद करेगा।

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वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार परिदृश्य

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और ओमान का द्विपक्षीय व्यापार लगभग 10.5 अरब अमेरिकी डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात 4 अरब डॉलर और आयात 6.54 अरब डॉलर था। भारत से ओमान को खनिज ईंधन, रसायन, बहुमूल्य धातुएं, लोहा, इस्पात, अनाज, जहाज, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, चाय, कॉफी, मसाले, कपड़े और खाद्य उत्पाद निर्यात किए जाते हैं। वहीं, भारत ओमान से पेट्रोलियम उत्पाद, यूरिया, प्रोपलीन, एथिलीन पॉलिमर, पेट कोक, जिप्सम, रसायन और अपरिष्कृत एल्युमीनियम आयात करता है।

ओमान: भारतीय व्यवसायों के लिए रणनीतिक बाजार

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि यह एफटीए टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, ऑटोमोबाइल, ज्वेलरी, एग्रोकेमिकल, रिन्यूएबल एनर्जी और ऑटो पार्ट्स के लिए नए अवसर खोलेगा। ओमान को खाड़ी सहयोग परिषद (GCC), पूर्वी यूरोप, मध्य एशिया और अफ्रीका के लिए रणनीतिक प्रवेश द्वार बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे भारतीय व्यवसायों को वैश्विक बाजारों तक आसान पहुंच मिलेगी।

निर्यात में वृद्धि और वैश्विक अवसर

भारत-ओमान फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय व्यवसायों, किसानों और MSME के लिए वैश्विक स्तर पर नए अवसर पैदा होंगे। इससे न केवल निर्यात में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। यह कदम भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

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