Uric Acid का बढ़ना शरीर में कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है, जिनमें प्रमुख है जोड़ों का दर्द। इससे जोड़ों में सूजन, जलन और स्थायी क्षति हो सकती है। कई मामलों में जोड़ों का घिसना इतना अधिक हो जाता है कि वे एक-दूसरे से चिपक जाते हैं। Uric Acid के अत्यधिक निर्माण को रोकना बेहद जरूरी है। इस दिशा में कुछ खास उपाय क्या हैं।
शरीर में Uric Acid के स्तर में बढ़ोतरी का पता शुरुआती चरण में आसानी से नहीं चल पाता। लेकिन जब यह बढ़ता है, तो यह हड्डियों से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। हालांकि शरीर कुछ संकेत जरूर देता है, जिन्हें समय रहते पहचानना और इलाज करवाना जरूरी होता है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए और जोड़ों को इससे नुकसान पहुंच जाए, तो उस क्षति को ठीक करना काफी मुश्किल हो जाता है।
जब शरीर में Uric Acid का निर्माण ज़रूरत से ज्यादा होने लगता है, तो किडनी उसे पूरी तरह फिल्टर कर बाहर नहीं निकाल पाती। इसके कारण यह एसिड जोड़ों के टिश्यूज़ में जमा होने लगता है, जिससे जोड़ों में दर्द और सूजन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। यही यूरिक एसिड धीरे-धीरे किडनी में भी जमा हो सकता है, जिससे किडनी स्टोन, हृदय रोग और डायबिटीज़ जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित करना चाहिए जो यूरिक एसिड के स्तर को बढ़ाते हैं।
कैसे बनता है Uric Acid ?
यूरिक एसिड शरीर में प्यूरीन नामक प्रोटीन के टूटने से बनता है, जो हाई प्रोटीन डाइट में अधिक मात्रा में पाया जाता है। सामान्य स्थिति में, किडनी इस यूरिक एसिड का लगभग 60–65% हिस्सा छानकर पेशाब के जरिए बाहर निकाल देती है। बाकी हिस्सा आंतों और पित्ताशय के माध्यम से शरीर से बाहर जाता है। लेकिन जब यूरिक एसिड जरूरत से ज्यादा बनने लगता है, तो शरीर इसे ठीक से बाहर नहीं निकाल पाता और यह धीरे-धीरे जोड़ों और किडनी में जमा होकर विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करने लगता है।
लक्षण क्या हैं?
जब शरीर में Uric Acid का स्तर बढ़ने लगता है और यह जमा होने लगता है, तो सबसे पहले असर छोटे जोड़ों पर दिखाई देता है। खासकर हाथ-पैर की उंगलियों के जोड़ दर्द करने लगते हैं। यह स्थिति चेतावनी का संकेत होती है। कई बार पैरों के अंगूठे के जोड़ में तेज और असहनीय दर्द के साथ सूजन भी आ जाती है। यही वो समय होता है जब यूरिक एसिड का इलाज शुरू कर देना चाहिए। अगर इस स्टेज पर इलाज नहीं किया गया, तो समस्या और गंभीर रूप ले सकती है।
बचाव के तरीके
Uric Acid से जुड़ी परेशानियों से बचने के लिए संतुलित और सेहतमंद आहार लेना जरूरी है। हाई प्रोटीन फूड्स से दूरी बनाएं और पानी की मात्रा बढ़ाएं। अपने खानपान में अधिक फाइबर और विटामिन-C युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें। शराब और सिगरेट से दूरी बनाए रखें और शरीर का वजन नियंत्रित रखें। यह सब करने से यूरिक एसिड से जुड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।