देश में Corona के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं और एक्टिव केस फिर हजार के पार पहुंच चुके हैं, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है। इसी बीच दो नए वेरिएंट्स की पहचान हुई है। तो चलिए जानते हैं कि क्या मौजूदा वैक्सीन इन नए वेरिएंट्स के खिलाफ प्रभावी साबित होगी या नहीं।
देश में फिर से Corona वायरस की सक्रियता देखने को मिल रही है, एक्टिव केस की संख्या एक हजार से ऊपर पहुंच चुकी है। इस बीच कोरोना के दो नए वेरिएंट्स का पता चला है, जिसने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इन वेरिएंट्स से संक्रमित लोगों में हल्के लक्षण जैसे सर्दी, खांसी, हल्का बुखार और बदन दर्द देखने को मिल रहे हैं। आइए जानते हैं कि ये नए वेरिएंट्स कितने खतरनाक हैं और क्या मौजूदा वैक्सीन इन पर प्रभावी रहेगी।
जैसे पहले भी हुआ करता था, इस बार भी वायरस ने खुद को बदलते हुए दो नए वेरिएंट्स पैदा किए हैं। इसलिए सतर्क रहना जरूरी है। विशेषज्ञ इन वेरिएंट्स की लगातार निगरानी कर रहे हैं, उनके लक्षण, फैलने की क्षमता और गंभीरता पर अध्ययन कर रहे हैं। शुरुआत में लक्षण हल्के हो सकते हैं, लेकिन यदि इन्हें नजरअंदाज किया गया तो संक्रमण गंभीर हो सकता है।
क्या मौजूदा वैक्सीन प्रभावी है?
Corona वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में कई सवाल होते हैं, खासकर जब नए वेरिएंट्स सामने आते हैं। लेकिन घबराने की कोई जरूरत नहीं है। वायरस में समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं, जिससे नए वेरिएंट्स बनते हैं। हालांकि, इन नए वेरिएंट्स पर वैक्सीन का प्रभाव थोड़ा कम हो सकता है, पर इसका मतलब ये नहीं कि वैक्सीन पूरी तरह बेअसर हो गई है। वैक्सीन हमारे शरीर की इम्यून सिस्टम को इस तरह तैयार करती है कि वह संक्रमण से मुकाबला कर सके।
Corona ,भले ही कुछ वेरिएंट्स में वैक्सीन की ताकत थोड़ी घट जाए, फिर भी ये गंभीर संक्रमण से बचाव करती है। यही कारण है कि जिन्होंने दोनों डोज या बूस्टर डोज ली होती है, उनमें अस्पताल में भर्ती होने की संभावना काफी कम होती है।
कैसे करें बचाव:
- भीड़-भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें।
- साबुन या सैनिटाइजर से हाथ साफ रखें।
- बुखार, सर्दी या खांसी होने पर खुद को आइसोलेट करें और टेस्ट कराएं।
- कोविड वैक्सीन की सभी जरूरी डोज जरूर लें।
- संतुलित और हेल्दी डाइट के साथ नियमित एक्सरसाइज करें।