Holika Dahan 2026: किन लोगों को नहीं देखनी चाहिए जलती हुई होलिका, जानें शास्त्र की सलाह

Holika Dahan 2026: किन लोगों को नहीं देखनी चाहिए जलती हुई होलिका, जानें शास्त्र की सलाह

Holika Dahan 2026: जानें किन लोगों को जलती हुई होलिका देखने से बचना चाहिए। नवविवाहित महिलाएं, गर्भवती महिलाएं और छोटे बच्चे विशेष सावधानी बरतें, साथ ही शास्त्र और धार्मिक नियमों का पालन करें।

Holika Dahan 2026 बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। यह दिन हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रह्लाद की रक्षा और होलिका का अग्नि में भस्म होना इसी दिन की विशेषता है। शास्त्रों के अनुसार होलिका की अग्नि नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है, लेकिन कुछ लोगों के लिए इसे देखना वर्जित है।

कौन हैं वो लोग जिन्हें होलिका दहन से दूर रहना चाहिए?

1. नवविवाहित महिलाएं: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन महिलाओं की शादी के बाद पहली होली होती है, उन्हें जलती हुई होलिका देखने से बचना चाहिए। ऐसा करने से उनके वैवाहिक जीवन में कलह और दुर्भाग्य आने की संभावना मानी जाती है। कुछ क्षेत्रों में सास और बहू को भी साथ में होलिका की अग्नि नहीं देखनी चाहिए।

2. गर्भवती महिलाएं: गर्भवती महिलाओं को होलिका दहन से दूरी बनाए रखनी चाहिए। शास्त्रों के अनुसार इस समय नकारात्मक शक्तियां अधिक सक्रिय होती हैं, जो गर्भ में पल रहे शिशु पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती हैं। साथ ही वैज्ञानिक दृष्टि से, होलिका की गर्मी और धुआं मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।

3. नवजात शिशु और छोटे बच्चे: छोटे बच्चों को होलिका दहन स्थल पर ले जाना वर्जित माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जलती होलिका के पास नकारात्मक ऊर्जा अधिक होती है। इसलिए छोटे बच्चों को होलिका पूजन में शामिल न करना ही सुरक्षित माना जाता है।

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होलिका दहन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण नियम

  • होलिका की अग्नि को पवित्र माना जाता है। इसमें प्लास्टिक, चमड़ा या अन्य कचरा डालना मना है। केवल गोबर के उपले, सूखी लकड़ी और कपूर का प्रयोग करें।

  • होलिका दहन के अगले दिन सुबह राख को घर लाकर माथे पर लगाना और घर के चारों कोनों में छिड़कना शुभ माना जाता है। यह वास्तु दोष को दूर करता है।

  • इस दिन तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए और शुद्ध भोजन का सेवन करना चाहिए।

Holika Dahan का दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है, लेकिन शास्त्रों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है।

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