हरियाणा की महिलाओं ने अपनी मेहनत और हुनर से देशभर में नाम कमाया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं सहायता समूहों की सराहना की और आत्मनिर्भर भारत के लिए उनके योगदान को उजागर किया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित स्वयं सहायता समूह सम्मेलन में महिलाओं की मेहनत और आत्मनिर्भरता की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भर भारत की मजबूत स्तंभ हैं और 65 हजार से अधिक स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाकर सरकार उन्हें आर्थिक, सामाजिक और पेशेवर रूप से समर्थ बना रही है।
स्वयं सहायता समूह: आत्मनिर्भर भारत के अग्रदूत
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जब किसी गांव की महिला सिलाई मशीन लेकर व्यवसाय शुरू करती है या युवा बेटियां डेयरी एवं हस्तशिल्प में कदम रखती हैं, तो यह केवल उनके परिवार की आजीविका नहीं बनती, बल्कि पूरे समाज का भविष्य संवारती हैं। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर भारत का असली चेहरा बताया।
विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की महिलाएं पापड़, अचार, हस्तशिल्प, डेयरी उत्पाद, जैविक खेती, डिजिटल सेवाएं और छोटे उद्योगों में सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। डिजिटल पेमेंट, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन मार्केटिंग में भी महिलाएं आगे बढ़ रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्वयं सहायता समूहों की प्रशंसा
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं सहायता समूहों के योगदान की प्रशंसा की है। उन्होंने रोहतक जिले के हथकरघा उद्योग में महिलाओं की मेहनत का उदाहरण दिया। इसी तरह गुरुग्राम के शंकर स्वयं सहायता समूह में 250 महिलाएं डेयरी और अन्य व्यवसाय चला रही हैं, जबकि पूजा शर्मा को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2022 पर राष्ट्रपति द्वारा ‘नारी शक्ति’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
पदमा स्कीम और राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बहनें पशुपालन, बागवानी, मछली पालन, ब्यूटी पार्लर, किराना दुकान और कैंटीन जैसे क्षेत्रों में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा दे रही हैं। पदमा स्कीम के तहत वन ब्लॉक-वन प्रोडक्ट को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे इन उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले।
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निवेश की नई ऊपरी सीमा और स्वरोजगार प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूक्ष्म उद्योग में निवेश की ऊपरी सीमा 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये, लघु औद्योगिक इकाइयों में 5 करोड़ से 10 करोड़ और मध्यम इकाइयों में 10 करोड़ से 50 करोड़ रुपये कर दी गई है। स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार चलाने के लिए रिवॉल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश निधि के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। अब तक लगभग 548 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व और उद्यमिता
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों ने महिलाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व और उद्यमिता को नई दिशा दी है। उनके प्रयास से गांव-गांव में महिलाओं के प्रति सोच बदल रही है, घर-घर सम्मान बढ़ रहा है और समाज में नई ऊर्जा पैदा हो रही है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत और आत्मनिर्भर हरियाणा के निर्माण में महिलाओं का योगदान अनमोल है।
निरंतर महिलाओं को सशक्त बनाने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लगातार महिलाओं को सशक्त बनाने का काम कर रही है। बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इसमें पंजीकरण लगातार जारी है। सरकार ने कम आय वाले परिवारों को 500 रुपये में गैस सिलेंडर की सुविधा भी प्रदान की है।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली, विधायक मती शक्ति रानी शर्मा और कई स्वयं सहायता समूह की सदस्याएं उपस्थित रहीं।