हरियाणा: पहली बार पूरी तरह से डिजिटल जनगणना की तैयारी शुरू, 50,000 गणनाकर्ताओं के साथ राज्य तैयार

by Neha
हरियाणा: पहली बार पूरी तरह से डिजिटल जनगणना की तैयारी शुरू, 50,000 गणनाकर्ताओं के साथ राज्य तैयार

हरियाणा पहली बार पूरी तरह से डिजिटल जनगणना के लिए तैयार, 50,000 गणनाकर्ता और 8,000 पर्यवेक्षक तैनात, ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप के जरिए घर सूचीकरण और आवास जनगणना सुनिश्चित।

हरियाणा राज्य 2027 में अपनी छठी जनगणना के लिए तैयार हो रहा है, और इस बार यह पूरी तरह से डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाएगी। राज्य सरकार ने जनगणना के सफल और समयबद्ध संचालन के लिए व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आज एक दिवसीय सम्मेलन के दौरान संभागीय आयुक्तों, उपायुक्तों और नगर निगम आयुक्तों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह आने वाले दशक के लिए नीतियों, विकास योजनाओं और अवसंरचना के निर्माण की नींव है। इसके साथ ही यह प्रशासनिक दक्षता और समन्वय क्षमता की भी परीक्षा है।

मुख्य सचिव ने वरिष्ठ अधिकारियों और प्रधान जनगणना अधिकारियों को जनगणना प्रक्रिया, उनके कर्तव्य और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2011 की जनगणना के आंकड़े नीतिगत हस्तक्षेपों जैसे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण रहे हैं।

डॉ. सुमिता मिश्रा, वित्तीय आयुक्त और अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जनगणना में किसी भी प्रकार की त्रुटि या लापरवाही न हो। उन्होंने डिजिटल जनगणना के पहले चरण “घर सूचीकरण और आवास जनगणना” के लिए 1 मई से 30 मई, 2026 तक आयोजन की जानकारी दी।

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इस बार नागरिकों को स्वयं ऑनलाइन जानकारी भरने का विकल्प भी मिलेगा, जो 16 अप्रैल, 2026 से शुरू होने वाले पोर्टल पर उपलब्ध होगा। ऑनलाइन जानकारी भरने के बाद, प्रत्येक नागरिक को एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी मिलेगी, जिसे गणना अधिकारी सत्यापित करेंगे। जनगणना संचालन निदेशक ललित जैन ने बताया कि राज्य के 203 ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगभग 50,000 गृह सूचीकरण ब्लॉक शामिल होंगे। इस कार्य के लिए 50,000 से अधिक गणनाकर्ता और 8,000 पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। प्रशिक्षण के लिए मास्टर और फील्ड प्रशिक्षकों की मदद से चरणबद्ध प्रशिक्षण प्रणाली अपनाई जाएगी।

सरकार ने कर्मचारियों को जनगणना के सफल समापन पर ₹25,000 का मानदेय देने का निर्णय लिया है। सभी गणनाकर्ता एक विशेष मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे, जो ऑफलाइन मोड में भी काम करेगा और नेटवर्क उपलब्ध होते ही डेटा स्वतः अपडेट हो जाएगा।

जनगणना की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में जिला जनगणना समन्वय समिति बनाई जाएगी। इसमें राजस्व, शिक्षा, पुलिस, स्वास्थ्य, पंचायती राज, सूचना प्रौद्योगिकी और जनसंपर्क विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित किया जाएगा।

जनगणना के दौरान प्राप्त सभी व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेंगे और किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग नहीं किए जाएंगे। सम्मेलन में “जनगणना बुनियाद देश की, लोकतंत्र की है पहचान” शीर्षक से एक विशेष रागिनी भी प्रस्तुत की गई।

हरियाणा की यह डिजिटल जनगणना राज्य की प्रशासनिक दक्षता, नागरिक सहभागिता और समन्वित प्रयास का प्रतीक मानी जा रही है।

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