हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उपायुक्तों को समाधान शिविरों की जानकारी जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और शिकायतों का पूर्ण निवारण करने के निर्देश दिए।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे समाधान शिविरों से जुड़ी जानकारी आम जनता तक व्यापक और प्रभावी तरीके से पहुंचाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को शिविर की तिथियों, समय और प्रक्रिया के बारे में स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे अपनी शिकायतें आसानी से दर्ज करा सकें और समय पर उनका समाधान प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह निर्देश शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित राज्य स्तरीय समाधान शिविर समीक्षा बैठक में सभी उपायुक्तों को दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि शिविर के दौरान प्राप्त शिकायतों को उपायुक्तों द्वारा स्पष्ट और विशिष्ट टिप्पणियों के साथ आगे भेजा जाए। साथ ही, किसी भी शिकायत का समाधान बिना पूरी तरह किए जिला स्तर पर बंद नहीं किया जाना चाहिए।
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बैठक में यह भी बताया गया कि जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 तक राज्य में समाधान शिविरों के दौरान कुल 17,699 शिकायतों का निवारण किया गया। राज्य भर में प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक उपायुक्त और उप-मंडल अधिकारियों (सिविल) के कार्यालयों में समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां नागरिक सीधे अपनी समस्याएं प्रस्तुत कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए कि समाधान शिविर में आने वाले नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से सुना जाए, और किसी भी स्तर पर अधिकारी की लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अंबाला जिले के एक गांव में चल रहे समाधान शिविर के दौरान जल निकासी से संबंधित शिकायत पर मुख्यमंत्री ने उपायुक्त को समस्या के शीघ्र समाधान के लिए समिति गठित करने का आदेश दिया। समिति में संबंधित विभाग के कार्यकारी अभियंता (XEN), ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) और बाजार समिति का एक प्रतिनिधि शामिल होंगे।