हरियाणा सरकार महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम और इलाज में लगातार कर रही प्रयास

by Neha
हरियाणा सरकार महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की रोकथाम और इलाज में लगातार कर रही प्रयास

हरियाणा सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार और गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामलों व मृत्यु दर को कम करने के लिए जागरूकता, समय पर जांच और बेहतर उपचार सुविधाओं के साथ लगातार प्रयास कर रही है।

हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने बताया कि राज्य सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार लाने और गर्भाशय ग्रीवा (Cervical Cancer) के मामलों और मृत्यु दर को कम करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मंत्री ने कहा कि जागरूकता बढ़ाने, समय पर स्क्रीनिंग कराने और बेहतर इलाज की सुविधा प्रदान करने के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि विश्व कैंसर दिवस और राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस पर राज्य में हर वर्ष विशेष अभियान चलाए जाते हैं। इन अभियानों का उद्देश्य महिलाओं को गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के जोखिम कारक, प्रारंभिक लक्षण, समय पर निदान और रोकथाम के उपायों के बारे में शिक्षित करना है।

स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने उल्लेख किया कि गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर मुख्य रूप से ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) के दीर्घकालिक संक्रमण के कारण होता है। उच्च जोखिम वाले प्रकारों में HPV-16 और HPV-18 शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, धूम्रपान, कम उम्र में यौन संबंध, कई यौन साथी, असुरक्षित यौन संबंध, बार-बार गर्भावस्था और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली भी प्रमुख जोखिम कारक हैं।

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गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के सामान्य लक्षणों में मासिक धर्म के बीच रक्तस्राव, अत्यधिक या लंबे समय तक मासिक धर्म, रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्राव, यौन संबंध के बाद रक्तस्राव, दुर्गंधयुक्त योनि स्राव, पेट के निचले हिस्से में दर्द, अचानक वजन कम होना और पेशाब के दौरान दर्द शामिल हैं। मंत्री ने कहा कि शुरुआती चरण में इसका पता लगने पर यह बीमारी पूरी तरह इलाज योग्य है।

हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने एनपीसीडीसीएस (NPCDCS) के तहत सभी 22 जिलों में 30 वर्ष और उससे अधिक आयु की महिलाओं की जांच सुनिश्चित की है। स्क्रीनिंग के लिए विजुअल इंस्पेक्शन विद एसिटिक एसिड (VIA) जैसी सरल और प्रभावी तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। यह सुविधा आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), उप-मंडल अस्पताल और जिला सिविल अस्पतालों में उपलब्ध है।

संदिग्ध मामलों को उच्च स्तरीय केंद्रों में भेजा जाता है। अंबाला, गुरुग्राम, हिसार, झज्जर, सिरसा और सोनीपत में कोलोस्कोपी, और अन्य जिला अस्पतालों में पैप स्मीयर, FNAC, बायोप्सी, CT स्कैन और MRI जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध हैं। गंभीर मामलों के इलाज के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेज और क्षेत्रीय कैंसर केंद्रों में उच्च स्तरीय उपचार प्रदान किया जाता है।

राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 22,74,802 महिलाओं की गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच की जा चुकी है। इनमें से 1,153 महिलाओं में कैंसर की पुष्टि हुई है और उनका उपचार जारी है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर महिला को समय पर स्क्रीनिंग और सही उपचार मिले, ताकि गर्भाशय ग्रीवा कैंसर को जड़ से समाप्त किया जा सके।

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