रोहित और Virat Kohli के संन्यास के पीछे गंभीर का दबाव? खुद किया असली कारण का खुलासा।

रोहित शर्मा ने 8 मई और Virat Kohli ने 12 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की थी। इन दोनों दिग्गज खिलाड़ियों के फैसले के बाद यह आरोप सामने आए कि टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर किया। अब गंभीर ने इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।

रोहित शर्मा ने 8 मई को और Virat Kohliने 12 मई को टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की, जिससे क्रिकेट जगत में हलचल मच गई। मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि दोनों खिलाड़ी इंग्लैंड में होने वाली 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में हिस्सा लेना चाहते थे, लेकिन चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और हेड कोच गौतम गंभीर ने उन पर दबाव डाला, जिसके चलते उन्होंने रिटायरमेंट का फैसला किया।

गंभीर ने आरोपों पर दी सफाई

इसका मतलब है कि गौतम गंभीर ने रोहित शर्मा और विराट कोहली पर दबाव डालने के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनके मुताबिक, दोनों दिग्गजों ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का निर्णय पूरी तरह अपनी मर्जी से लिया और उन पर न तो बीसीसीआई और न ही टीम मैनेजमेंट के किसी सदस्य ने कोई दबाव डाला। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में रोहित और विराट की फॉर्म में लगातार गिरावट देखी गई थी। वे रन बनाने में संघर्ष कर रहे थे और अक्सर जल्दी आउट हो रहे थे। भारत में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज और ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में दोनों का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा, जिसके बाद उन्होंने संन्यास का फैसला किया।

गंभीर की आगे की रणनीति
रोहित शर्मा और Virat Kohli भारतीय टीम के सबसे अनुभवी और सीनियर खिलाड़ियों में शामिल थे, जिन्हें कठिन विदेशी दौरों पर खेलने का अच्छा अनुभव था। उनके रिटायरमेंट से टीम इंडिया को बड़ा झटका लगा है। अब हेड कोच गौतम गंभीर के सामने नई चुनौती है—दोनों के विकल्प तलाशने और एक नया कप्तान नियुक्त करने की।

गंभीर ने इस स्थिति को एक नए अवसर के रूप में देखा है। उन्होंने कहा, “कई बार यह मौका होता है कि कुछ खिलाड़ी सामने आकर कहें—मैं तैयार हूं। यह चुनौतीपूर्ण जरूर होगा, लेकिन इससे नए खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का मौका मिलेगा।” उन्होंने चैंपियंस ट्रॉफी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब जसप्रीत बुमराह टीम में नहीं थे, तब भी उन्होंने यही बात कही थी कि किसी की अनुपस्थिति में दूसरा खिलाड़ी देश के लिए कुछ खास कर सकता है, और संभवतः ऐसे मौके का इंतजार कर रहा होगा।

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