बार-बार हिचकी आ रही है? जानें इसके कारण, खतरे, संभावित गंभीर बीमारियां और हिचकी रोकने के आसान उपाय। 48 घंटे से ज्यादा लगे तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
हिचकी एक आम अनुभव है, जिससे लगभग हर कोई गुजरता है। यह डायफ्राम नाम की मांसपेशी के अचानक सिकुड़ने से होती है, जिससे वोकल कॉर्ड बंद होकर “हिक” जैसी आवाज पैदा करते हैं। आमतौर पर हिचकी कुछ मिनटों में खुद रुक जाती है और नुकसानदायक नहीं होती।
लेकिन अगर बार-बार हिचकी आती है या लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकती है।
हिचकी क्यों आती है?
हिचकी तब होती है जब डायफ्राम अचानक सिकुड़ता है। इसे ट्रिगर करने वाले सामान्य कारण हैं:
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बहुत जल्दी-जल्दी खाना या पीना
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सोडा, बहुत गर्म पेय या शराब का सेवन
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पेट में गैस भर जाना
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तनाव, घबराहट या अत्यधिक उत्साह
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अधिक मात्रा में खाना
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कुछ दवाओं का असर, जैसे एनेस्थीसिया या स्टेरॉइड
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बार-बार हिचकी से हो सकती हैं ये परेशानियां
Cleveland Clinic के अनुसार, लंबे समय तक हिचकी रहने पर रोजमर्रा की जिंदगी और सेहत पर असर पड़ सकता है:
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खाने-पीने में दिक्कत, वजन कम होना या डिहाइड्रेशन
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बोलने में कठिनाई
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नींद में खलल, थकान और ध्यान केंद्रित करने में परेशानी
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कमजोरी और मानसिक तनाव, बेचैनी या डिप्रेशन
बार-बार आने वाली हिचकी को कैसे रोका जाए?
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छोटे-छोटे घूंट लेकर ठंडा पानी पीना या गरारा करना
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सांस रोककर धीरे-धीरे छोड़ना
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हल्का दबाव देना – निगलते समय नाक पकड़कर या डायफ्राम पर दबाव
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थोड़ा मीठा या खट्टा लेना – चुटकीभर चीनी, नींबू या थोड़ी सिरका
कब हिचकी को गंभीर मानें?
यदि हिचकी 48 घंटे से ज्यादा चलती है, तो इसे क्रॉनिक हिचकी कहा जाता है और यह किसी छिपी बीमारी का संकेत हो सकती है। संभावित गंभीर कारण:
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दिमाग और नसों की समस्याएं: स्ट्रोक, नर्व डैमेज
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दिल या फेफड़ों की बीमारी: हार्ट अटैक, निमोनिया
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कैंसर: ट्यूमर या कैंसर उपचार के साइड इफेक्ट
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पाचन संबंधी परेशानियां: पैंक्रियास की सूजन, इसोफेगस में जलन या इंफेक्शन
डॉक्टर के पास कब जाएं?
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हिचकी 48 घंटे से ज्यादा बनी रहे
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नींद खराब हो, खाना-पीना मुश्किल हो, सांस लेने में परेशानी
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छाती में दर्द, तेज बुखार, उल्टी, कमजोरी या सुन्नपन
हिचकी छुड़ाने के लिए किसी को अचानक डराने की कोशिश न करें। इससे हिचकी तो रुक सकती है, लेकिन गिरने या चोट लगने का खतरा बढ़ सकता है।