फाल्गुन पूर्णिमा 2026: लक्ष्मी जयंती, होलिका दहन और सत्यनारायण पूजा का अद्भुत संगम, जानें महत्व और शुभ मुहूर्त

फाल्गुन पूर्णिमा 2026: लक्ष्मी जयंती, होलिका दहन और सत्यनारायण पूजा का अद्भुत संगम, जानें महत्व और शुभ मुहूर्त

फाल्गुन पूर्णिमा 2026 पर लक्ष्मी जयंती, होलिका दहन और सत्यनारायण पूजा का अद्भुत संगम! जानें तिथि का महत्व, शुभ मुहूर्त और घर में समृद्धि, भक्ति व खुशहाली पाने के उपाय।

फाल्गुन पूर्णिमा 2026 इस साल 3 मार्च को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में यह दिन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह शीत ऋतु से वसंत ऋतु में बदलाव का प्रतीक है और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष ऊर्जा प्रदान करता है। इस दिन लक्ष्मी जयंती, होलिका दहन और सत्यनारायण पूजा का संगम देखने को मिलता है, जो घर में समृद्धि, भक्ति और आध्यात्मिक नवीकरण लाता है।

फाल्गुन पूर्णिमा का महत्व

शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन समुद्र मंथन के दौरान देवी लक्ष्मी का प्रकट होना हुआ था। इसलिए इसे धन, समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। फाल्गुन पूर्णिमा में भक्ति और धर्म के मार्ग पर चलने वाले लोग विशेष फल प्राप्त करते हैं।

होलिका दहन का पवित्र अनुष्ठान

इस दिन होलिका दहन की जाती है, जो बुराई पर भक्ति और सत्य की जीत का प्रतीक है। आग के चारों ओर सामूहिक प्रार्थना की जाती है, जिससे सुरक्षा और खुशहाली आती है।

also read: आमलकी एकादशी 2026: आमलकी एकादशी व्रत कब रखें और जानें…

लक्ष्मी जयंती का पर्व

फाल्गुन पूर्णिमा को ही लक्ष्मी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा से धन, समृद्धि और सुख-शांति की प्राप्ति होती है। भक्त घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाकर और मंत्र जाप करके मां लक्ष्मी के आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

सत्यनारायण पूजा का महत्व

इस दिन कई लोग अपने घरों में भगवान सत्यनारायण की पूजा करते हैं। ताजे फूल, अगरबत्ती, पंचामृत, फल और पारंपरिक मिठाइयां अर्पित की जाती हैं। सत्यनारायण कथा सुनने-सुनाने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और घर में सुख-शांति बनी रहती है।

शुभ मुहूर्त और दान-पुण्य

ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 5:19 से 6:08 मिनट) में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सूर्योदय के समय स्नान और दान करना पवित्र फलदायक माना जाता है। इस दिन जरूरतमंदों को चावल, कपड़े, तिल या गुड़ का दान करने से आशीर्वाद कई गुना बढ़ जाता है।

फाल्गुन पूर्णिमा 2026, लक्ष्मी जयंती, होलिका दहन और सत्यनारायण पूजा का यह संगम घर-परिवार में खुशहाली, समृद्धि और आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर आता है।

Related posts

फाल्गुन महीने का अंतिम प्रदोष व्रत 2026: तारीख, मुहूर्त और भगवान शिव-परिवती की विशेष पूजा का महत्व

आमलकी एकादशी 2026: आमलकी एकादशी व्रत कब रखें और जानें पूरी कथा, भगवान विष्णु होंगे प्रसन्न

होलिका दहन 2026: 2 मार्च को होगा होलिका दहन, सिर्फ 12 मिनट का शुभ मुहूर्त