उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र को मिली नई ताकत: योगी सरकार का ज्ञान आधारित विकास रोडमैप

by Neha
उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र को मिली नई ताकत: योगी सरकार का ज्ञान आधारित विकास रोडमैप

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026-27 के बजट में शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा और कौशल विकास के लिए 1.09 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शिक्षा को विकास की धुरी बनाकर प्रदेश को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में अग्रसर किया जा रहा है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में शिक्षा को विकास की धुरी बनाने का स्पष्ट संदेश दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट में बेसिक, माध्यमिक, उच्च और प्राविधिक शिक्षा के लिए कुल 1,09,645 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इससे प्रदेश को एक मजबूत ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में ले जाने की योजना स्पष्ट होती है।

बेसिक शिक्षा: मजबूत आधार और समान अवसर

बेसिक शिक्षा के लिए 77,622 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। कक्षा 1 से 8 तक के छात्रों के लिए निःशुल्क यूनिफॉर्म, जूते, मोज़े और स्टेशनरी की सुविधा सुनिश्चित करने हेतु 650 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 75 जनपदों में 2-2 मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट स्कूल विकसित किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच शैक्षिक अंतर कम होगा।

आवासीय बालिका विद्यालयों के विस्तार के लिए 580 करोड़ रुपये, शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा हेतु 358 करोड़ रुपये और स्मार्ट स्कूल योजना के लिए 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों की सुरक्षा ऑडिट में अधो मानक पाए जाने पर अनुरक्षण के लिए भी 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

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माध्यमिक शिक्षा में 15% वृद्धि

माध्यमिक शिक्षा के लिए 22,167 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15% अधिक है। इसमें राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष प्रावधान शामिल हैं। ड्रीम स्किल लैब क्लस्टर की स्थापना के लिए 150 करोड़ रुपये, संस्कृत पाठशालाओं के छात्रवृत्ति हेतु 20 करोड़ रुपये और महिला छात्राओं के स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए 300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उच्च शिक्षा में 7% वृद्धि

उच्च शिक्षा के लिए 6,591 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है, जो पिछले बजट की तुलना में 7% अधिक है। मेधावी छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना हेतु 400 करोड़ रुपये, मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए 14.50 करोड़ रुपये, अंतरराष्ट्रीय प्रमाणपत्र शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 10 करोड़ रुपये और शिक्षा ऋण पर अतिरिक्त ब्याज सब्सिडी हेतु 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

प्राविधिक शिक्षा और कौशल विकास में जोर

प्राविधिक शिक्षा के बजट में 72% वृद्धि करते हुए 2,365 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 195 राजकीय पालीटेक्निक संस्थाओं में प्रशिक्षण दिया जा रहा है और 23 पालीटेक्निक निर्माणाधीन हैं। 714 करोड़ रुपये की लागत से उन्नयन एवं एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे।

व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास के लिए 3,349 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में 1,90,272 सीटें उपलब्ध हैं। महिलाओं के प्रशिक्षण हेतु 47 संस्थानों में महिला शाखाएँ और 12 स्वतंत्र संस्थान संचालित हैं। टाटा टेक्नोलॉजीज़ के सहयोग से चयनित 149 ITI का उन्नयन किया गया और 62 संस्थानों का उन्नयन प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के हर स्तर में किए गए ये निवेश प्रदेश को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर करेंगे। शिक्षा, कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है।

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