Dollar vs Rupee: वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच रुपया लगातार तीसरे दिन डॉलर के मुकाबले कमजोर, जानें 16 जनवरी 2026 का अपडेट।
Dollar vs Rupee: वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच भारतीय रुपया कमजोर बना हुआ है। शुक्रवार को रुपया लगातार तीसरे कारोबारी दिन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले टूटकर 90.44 प्रति डॉलर पर आ गया। डॉलर की मजबूती और विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी ने घरेलू मुद्रा पर दबाव बनाए रखा है।
कारोबार का हाल
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 90.37 पर खुला, लेकिन शुरुआती तेजी को बनाए नहीं रख सका और 90.44 पर बंद हुआ। बुधवार को रुपया 90.34 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। गुरुवार को बीएमसी चुनाव के चलते विदेशी मुद्रा बाजार बंद रहा था।
रुपया क्यों कमजोर है?
विशेषज्ञों के मुताबिक, रुपये में कमजोरी के पीछे कई कारण हैं:
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विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली
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डॉलर की वैश्विक मजबूती
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भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशकों का जोखिम से बचाव
वहीं, डॉलर इंडेक्स छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले 0.02% गिरकर 99.10 पर आया, लेकिन यह स्तर अब भी ऊंचा बना हुआ है।
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शेयर बाजार और कच्चा तेल का असर
घरेलू शेयर बाजार में मिला-जुला रुख रहा। सेंसेक्स 210.04 अंक बढ़कर 83,592.75 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 34.65 अंक फिसलकर 25,700.25 पर रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.34% गिरकर 63.54 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ, जिससे रुपये को कुछ राहत मिली। बुधवार को FII ने 4,781.24 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
विशेषज्ञों की राय
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी का कहना है कि, “आरबीआई के संभावित हस्तक्षेप से शुरुआती कारोबार में रुपये को थोड़ी मजबूती मिली, लेकिन मजबूत डॉलर, विदेशी निवेशकों की निकासी और घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते यह तेजी टिक नहीं पाई।”
चौधरी ने आगे कहा कि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचाव की प्रवृत्ति और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण रुपये पर दबाव बना रह सकता है। उनके अनुसार, आने वाले सत्रों में डॉलर के मुकाबले रुपये की हाजिर कीमत 89.95 से 90.50 के दायरे में रहने की संभावना है।