दिल्ली सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी पहल करते हुए ‘विद्या शक्ति मिशन’ शुरू किया है। इस मिशन के तहत राजधानी के सरकारी स्कूलों के 2,200 मेधावी छात्रों को JEE, NEET, CLAT, CA और CUET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य केवल बच्चों को परीक्षा पास करवाना नहीं है, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और बड़े सपने देखने की क्षमता विकसित करना है।
21 करोड़ रुपये की योजना से संवरेगा भविष्य
इस योजना पर लगभग ₹21 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। कोचिंग में चयनित छात्र स्कूल के बाद और वीकेंड में क्लास लेंगे। उन्हें AI आधारित कक्षाएं, लाइव ऑनलाइन सेशन, स्टडी मटेरियल और टेस्ट प्रैक्टिस सभी मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे।
AI क्लासेज और आधुनिक शिक्षा का वादा
दिल्ली सरकार बच्चों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहती। इसका उद्देश्य AI तकनीक और मानवीय मूल्यों पर आधारित शिक्षा प्रदान करना है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद के अनुसार, यह मिशन छात्रों को सिर्फ अंक पाने का मौका नहीं देता, बल्कि उन्हें बड़े सपने देखने की प्रेरणा भी देता है।
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बालिकाओं के लिए विशेष आरक्षण
इस योजना में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष आरक्षण रखा गया है। JEE, NEET, CLAT और CA फाउंडेशन कोर्स की कुल सीटों में से 50 सीटें लड़कियों के लिए और CUET-UG की 1,000 सीटों में से 150 सीटें बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं।
बड़े संस्थान कराएंगे तैयारी
विद्या शक्ति मिशन के तहत छात्रों को तैयारी कराने के लिए दिल्ली के प्रसिद्ध कोचिंग संस्थानों जैसे आकाश इंस्टिट्यूट, नारायण अकादमी, केडी कैंपस और रविंद्र इंस्टिट्यूट का सहयोग लिया जा रहा है। ये संस्थान बच्चों को मॉक टेस्ट और कोर्स मटेरियल भी प्रदान करेंगे।
CET-2025 में दिखी छात्रों की बढ़ती उम्मीद
30 अक्टूबर 2025 को आयोजित CET-2025 में करीब 62,000 छात्रों ने हिस्सा लिया। चयनित छात्रों की काउंसलिंग पूरी हो चुकी है और कक्षाएँ 26 नवंबर 2025 से शुरू हो गई हैं।
मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक समर्थन
शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी और निजी स्कूल भावनात्मक और मानसिक समर्थन तंत्र मजबूत करें। उनका कहना है कि बच्चों में प्रारंभिक तनाव की पहचान हो और शिक्षक मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील हों। मिशन का उद्देश्य केवल अंक नहीं बल्कि बच्चों की मानसिक सेहत, गरिमा और मानवीय मूल्य भी सुनिश्चित करना है।
विद्या शक्ति मिशन के माध्यम से दिल्ली सरकार यह संदेश देना चाहती है कि शिक्षा सिर्फ परीक्षा पास कराने का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों की समग्र विकास प्रक्रिया है।