दिल्ली में 21 जनवरी से लागू हुआ DTC बस रूट रेशनलाइजेशन, 181 रूट्स में बदलाव, सफर होगा आसान और 2026 तक 7000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें आएंगी।
दिल्ली में बस सेवाओं में बड़ा सुधार किया जा रहा है। दिल्ली सरकार और दिल्ली परिवहन निगम (DTC) ने 21 जनवरी 2026 से नया रूट रेशनलाइजेशन लागू कर दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा देना, समयबद्ध बस सेवाएं सुनिश्चित करना और लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करना है।
181 वेस्ट दिल्ली रूट्स में सेवाएं होंगी बेहतर
रूट रेशनलाइजेशन के तहत वेस्ट दिल्ली के सभी 181 बस रूट्स को यात्रियों की मांग, भीड़ और राइडरशिप पैटर्न के अनुसार नया स्वरूप दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी 12 मीटर लंबाई वाले रूट को बंद नहीं किया गया है। इसके साथ ही, सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में अतिरिक्त बसें चलाकर यात्रियों की सुविधा बढ़ाई जाएगी।
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यूनिफाइड टाइमटेबल से होगी आसानी
DTC ने यूनिफाइड टाइमटेबल लागू किया है ताकि यात्रियों को यह पता रहे कि बस कब आएगी और कब जाएगी। इससे समय की बचत होगी और यात्रियों को निजी वाहनों पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा।
2026 तक 7000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें
दिल्ली सरकार पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण पर जोर दे रही है। वर्तमान में DTC बेड़े में 3600 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जा चुकी हैं। सरकार का लक्ष्य है कि मार्च 2026 तक 5000 और नवंबर 2026 तक 7000 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें दिल्ली की सड़कों पर उतारी जाएं।
ट्रैफिक और प्रदूषण पर असर
रूट रेशनलाइजेशन और इलेक्ट्रिक बसों की बढ़ती संख्या से न केवल सफर आसान होगा, बल्कि ट्रैफिक जाम और प्रदूषण में भी कमी आएगी। सरकार का कहना है कि यह कदम दिल्ली के रोजमर्रा के यात्रियों के लिए राहत भरा है और भविष्य की परिवहन जरूरतों को ध्यान में रखकर उठाया गया है।