मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की बिजली व्यवस्था मजबूत करने के लिए 17,000 करोड़ रुपये का रोडमैप पेश किया, जिससे भरोसेमंद, सुरक्षित और स्वच्छ ऊर्जा सुनिश्चित होगी।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि विकसित, आत्मनिर्भर और पर्यावरण-अनुकूल दिल्ली के लिए मजबूत और भरोसेमंद बिजली व्यवस्था बेहद जरूरी है। इसी सोच के तहत दिल्ली सरकार ने ट्रांसमिशन और डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है।
दिल्ली की बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए सरकार ने आगामी तीन सालों के लिए 17,000 करोड़ रुपये के निवेश का रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह निवेश सिर्फ क्षमता बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि हर इलाके में बिना कटौती, फॉल्ट फ्री और उच्च गुणवत्ता वाली बिजली सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।
बिजली आपूर्ति में सुधार और भविष्य की तैयारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की बिजली मांग लगातार बढ़ रही है। साल 2025 में राजधानी की पीक बिजली मांग लगभग 8,400 मेगावाट तक पहुंच गई थी। हर साल औसतन 4–5% की बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसके पीछे बढ़ती आबादी, एसी और अन्य बिजली उपकरणों का अधिक उपयोग और इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में वृद्धि मुख्य कारण हैं। अधिकारियों के अनुसार, अगर यही रुझान जारी रहा तो 2030 तक दिल्ली की पीक डिमांड 11,500–12,000 मेगावाट और 2040 तक 19,000–20,000 मेगावाट तक पहुंच सकती है।
सीएम ने कहा कि बढ़ती मांग को चुनौती नहीं बल्कि अवसर माना जाएगा। सरकार अभी से तैयारी कर रही है ताकि आने वाले वर्षों में दिल्ली को बिजली संकट का सामना न करना पड़े।
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स्वच्छ ऊर्जा और सौर ऊर्जा पर जोर
बैठक में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के अहम फैसले लिए गए। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तेजी से लागू होगी। सरकारी भवनों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जाएंगे और कृषि भूमि पर सोलर पैनल लगाने की प्रक्रिया सरल की जाएगी। साथ ही, अनुपयोगी भूमि का भी इस्तेमाल किया जाएगा। सीएम ने डिस्कॉम को निर्देश दिए कि फ्लाईओवर और उपयुक्त स्थानों पर बिजली वितरण संरचनाएं विकसित की जाएँ, ताकि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़े और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम हो।
एडवांस तकनीक से बिजली आपूर्ति होगी बेहतर
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में सबसे एडवांस तकनीक लागू की जाएगी। फॉल्ट की स्थिति में बिजली बहाली तेज की जाएगी और अंतिम छोर तक उपभोक्ता केंद्रित वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। सभी एजेंसियों को समय पर परियोजनाओं को पूरा करने और सहयोग मजबूत करने के निर्देश दिए गए।
सीएम रेखा गुप्ता ने जोर देकर कहा कि सरकार का उद्देश्य सिर्फ आज की जरूरतों को पूरा करना नहीं, बल्कि आने वाले दशकों के लिए भरोसेमंद, टिकाऊ और सुरक्षित बिजली नेटवर्क तैयार करना है।