दिल्ली में प्रदूषण पर बड़ा कदम! मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च किए 6 नए एयर मॉनिटरिंग स्टेशन और 100 ‘वायु रक्षक’

दिल्ली में प्रदूषण पर बड़ा कदम! मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लॉन्च किए 6 नए एयर मॉनिटरिंग स्टेशन और 100 ‘वायु रक्षक’

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 6 नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन और 100 ‘वायु रक्षक’ लॉन्च किए, राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण और साफ हवा की पहल को मजबूत किया।

राजधानी में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 6 नए सीएएक्यूएमएस (Continuous Ambient Air Quality Monitoring Stations) और 100 ‘वायु रक्षक’ पहल की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण केवल सर्दियों का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह पूरे साल राजधानी में लगातार निगरानी और नियंत्रण की आवश्यकता वाला विषय है।

उद्घाटन और कार्यक्रम

दिल्ली सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने नए एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों का ऑनलाइन उद्घाटन किया और ‘वायु रक्षक’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण वायु प्रदूषण गंभीर हुआ, और अब उनकी सरकार इसे स्थायी और प्रभावी तरीके से नियंत्रित कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिल्ली की हवा साफ और सांस लेने योग्य बनाने के लिए यह 365 दिन का अभियान है।

डेटा पारदर्शिता और नीति निर्माण

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सभी मॉनिटरिंग डेटा सार्वजनिक और पारदर्शी होंगे। पीएम 10 और पीएम 2.5 का डेटा हर घंटे अपडेट होता है, जबकि अन्य पैरामीटर्स हर 5 मिनट में ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।

उन्होंने बताया कि दिल्ली ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (DTC) के पास देश का सबसे बड़ा ईवी बस बेड़ा है और 2028 तक राजधानी में कुल 14,000 क्लीन फ्यूल बसें लाने का लक्ष्य है। इसके अलावा, कूड़े के पहाड़ों को खत्म करना, वेस्ट टू एनर्जी, मिस्ट स्प्रे, लिटर पिकर, मैकेनिकल रोड स्वीपर, एंटी-स्मॉग और ग्रीन कवर विस्तार जैसे कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।

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पर्यावरण मंत्री का बयान

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मॉनिटरिंग जितनी जरूरी है, इंफ़ोर्समेंट उतना ही महत्वपूर्ण है। ‘वायु रक्षक’ सुनिश्चित करेंगे कि नियम केवल कागज़ों तक सीमित न रहें, बल्कि जमीन पर लागू हों। उन्होंने बताया कि 2024 में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) में 233 रिक्त पदों में से 157 पद सिर्फ 11 महीनों में भर दिए गए, जो पिछले 10 सालों की तुलना में लगभग दोगुना है।

सिरसा ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण को अब वाहन, सड़क निर्माण, धूल नियंत्रण और पौधारोपण सहित सभी मोर्चों पर समान रूप से नियंत्रित किया जा रहा है।

एयर मॉनिटरिंग नेटवर्क का विस्तार

नई सीएएक्यूएमएस स्टेशनों को जेएनयू, इग्नू, एसपीएमएसपीसी तालकटोरा गार्डन, कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, दिल्ली कैंटोनमेंट और एनएसयूटी (वेस्ट कैंपस) में स्थापित किया गया है। इसके साथ दिल्ली में अब कुल 46 मॉनिटरिंग स्टेशन हो चुके हैं, जो किसी भी भारतीय शहर से अधिक हैं।

इन 46 स्टेशनों में से:

  • 30 DPCC द्वारा संचालित

  • 10 भारत मौसम विज्ञान विभाग / IITM द्वारा संचालित

  • 6 केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा संचालित

आने वाले समय में 14 और स्टेशन स्थापित किए जाएंगे।

‘वायु रक्षक’ पहल

कार्यक्रम में 100 ‘वायु रक्षक’ को भी तैनात किया गया, जो DPCC के साथ मिलकर जमीनी स्तर पर प्रदूषण नियंत्रण सुनिश्चित करेंगे। इसके अलावा 600 वायु रक्षक दिल्ली पुलिस के सहयोग से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों की निगरानी कर रहे हैं।

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