उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के पुलिस अधिकारियों से स्पष्ट रूप से कहा कि जाति या धर्म के नाम पर समाज में विभाजन करने या पुलिस पर दबाव डालने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि विदेशी वित्तपोषित धर्मांतरण गिरोहों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और इसके लिए कृत्रिम मेधा (एआई) की तकनीकी का इस्तेमाल किया जाए।
धर्मांतरण गिरोहों का सफाया करने के लिए तकनीकी संसाधनों का उपयोग
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘पुलिस मंथन’ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन-2025 के दूसरे दिन समापन पर यह घोषणा की। उन्होंने निर्देश दिया कि सोशल मीडिया और साइबर अपराध की निगरानी सख्त की जाए और तकनीकी विश्लेषण के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय अनुदानित धर्मांतरण गिरोहों की गतिविधियों को रोका जाए। इसके लिए फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन्स और आधुनिक संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने पुलिस को इन गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई में कृत्रिम मेधा का इस्तेमाल करने की सलाह दी।
पाकिस्तान, बांगलादेश और नेपाल से सटी सीमाओं पर विशेष निगरानी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पाकिस्तान, बांगलादेश और नेपाल से सटी सीमाओं पर आतंकवादी गतिविधियों की गहरी जांच और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बलरामपुर जैसी घटनाओं को गंभीर चुनौती बताते हुए कहा कि यह दर्शाता है कि धर्मांतरण के प्रयास एक संगठित गिरोह द्वारा किए जा रहे हैं। योगी ने स्पष्ट किया कि इस तरह के गिरोहों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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सोशल मीडिया और साइबर अपराध पर कड़ी कार्रवाई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर बढ़ते दुष्प्रचार, ‘डीपफेक’, ‘डार्क वेब’ और साइबर अपराध पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने पुलिस और खुफिया तंत्र को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर ऐसी कोई भी आपत्तिजनक सामग्री जो कानून-व्यवस्था, जातीय और धार्मिक सौहार्द्र को प्रभावित कर रही हो, उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि इस प्रकार के तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, और पुलिस को इस दिशा में तुरंत कदम उठाने के लिए निर्देशित किया गया।
अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ असामाजिक तत्व महापुरुषों के नाम का गलत तरीके से उपयोग करके नए संगठन बना रहे हैं और समाज में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे संगठनों के खिलाफ पुलिस को गहन जांच और नेटवर्क ध्वस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, इन असामाजिक तत्वों पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई करने का आदेश भी दिया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी स्पष्ट किया कि जाति, धर्म या अन्य किसी आधार पर समाज में विभाजन फैलाने, पुलिस पर दबाव डालने और अराजकता पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को सख्ती से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन को पूरी तरह तैयार रहना चाहिए।