उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने कहा कि एम्स गोरखपुर अब पूर्वी उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवा के एक मजबूत केंद्र के रूप में उभर चुका है। 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी गई इसकी नींव अब एक विशाल संस्थान बन चुकी है, जो हजारों मरीजों को नई ज़िंदगी दे रहा है। 2021 में पीएम मोदी ने इसका उद्घाटन किया था।
CM Yogi Adityanath ने एम्स गोरखपुर में 500 बेड वाले विश्राम सदन की आधारशिला रखी, जो 45 करोड़ रुपये की लागत से पावरग्रिड कॉरपोरेशन के सहयोग से बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों के परिजन अस्पताल में ठहर नहीं पाते और अक्सर सड़क पर रात बिताने को मजबूर होते हैं। ऐसे में यह विश्राम सदन उनके लिए राहत देगा। उन्होंने एसजीपीजीआई, केजीएमयू, बीएचयू और एम्स में भी ऐसी सुविधाओं के निर्माण के निर्देश दिए हैं।
CM Yogi Adityanath ने बताया कि पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने एम्स गोरखपुर के लिए CSR फंड से रैन बसेरा स्वीकृत किया, जिससे मरीजों के साथ आए लोगों को सुरक्षित ठहरने की सुविधा मिल सके। उन्होंने कहा कि एम्स गोरखपुर में औसतन 1200 परिजन ऐसे होते हैं जिन्हें ठहरने की उचित व्यवस्था नहीं मिलती, और ये लोग मौसम की मार झेलने को मजबूर होते हैं।
CM Yogi Adityanath ने सस्ती दरों पर भोजन और स्वच्छता की व्यवस्था पर भी जोर दिया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 8 रुपये में भोजन की व्यवस्था की गई थी, जिसे अब 10 रुपये में जारी रखा गया है। ऐसी सेवाओं को एम्स गोरखपुर में भी बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि गोरखपुर में एम्स की स्थापना की कल्पना 2003 में की गई थी, जिसे अब साकार किया गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देशभर में 22 नए एम्स बनाए जा रहे हैं। गोरखपुर एम्स अब एक बड़े हेल्थ हब के रूप में विकसित हो रहा है, जिस पर नेपाल, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई ज़िले निर्भर हैं।
CM Yogi Adityanath ने कहा कि डॉक्टरों को संवेदनशील होना चाहिए और मरीजों की बात ध्यान से सुननी चाहिए। राज्य में ‘एक जनपद, एक मेडिकल कॉलेज’ योजना के तहत हर ज़िले में मेडिकल सुविधाएं बढ़ रही हैं। एम्स को भी क्रिटिकल केयर के मरीजों के इलाज में सक्षम बनाना होगा।
उन्होंने टेली-कंसल्टेशन मॉडल की सराहना की, जो कोविड के समय शुरू हुआ था और अब मेडिकल कॉलेजों को एसजीपीजीआई से जोड़ने में मदद कर रहा है। इससे दूरस्थ इलाकों के मरीजों को भी विशेषज्ञ सलाह मिल रही है।
CM Yogi Adityanath ने कहा कि भविष्य में एम्स गोरखपुर की ओपीडी 10,000 तक पहुंच सकती है, इसलिए स्क्रीनिंग व्यवस्था और सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार ज़रूरी है। गोरखपुर एम्स को स्वास्थ्य सेवा के हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जो आस-पास के मेडिकल कॉलेजों को टेली-कंसल्टेशन से जोड़ेगा।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनेगा। कार्यक्रम में एम्स गोरखपुर के अध्यक्ष देश दीपक वर्मा, सांसद रवि किशन, सलाहकार अवनीश अवस्थी, निदेशक डॉ. विभा दत्ता और पावरग्रिड के अधिकारी यतीन्द्र द्विवेदी सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।