उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में वंदे मातरम का विरोध करने वालों पर कड़ी टिप्पणी की और 1734 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी जिले के फतेहपुर कस्बे में आयोजित सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती समारोह में जनसभा को संबोधित करते हुए वंदे मातरम का विरोध करने वालों को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग जिन्हें सरकारी योजनाओं का सबसे पहले लाभ लेने की आदत है, वही लोग वंदे मातरम का विरोध करते हैं।
योगी ने सभा में उपस्थित लोगों से अपील की कि उन्हें इन लोगों को पहचानना चाहिए, जो देशभक्ति के प्रतीक “वंदे मातरम” का विरोध करते हैं, लेकिन सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सबसे आगे रहते हैं। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि वह कभी नहीं चाहती थी कि लौह पुरुष सरदार पटेल का सम्मान किया जाए।
मुख्यमंत्री ने मंच से अपने संबोधन की शुरुआत “जय श्रीराम” के उद्घोष से की और कहा कि राष्ट्रीय एकता के मुद्दे पर सभी को एकजुट होना चाहिए, भले ही आपसी मतभेद हो। इस अवसर पर योगी आदित्यनाथ ने सरदार पटेल की जयंती पर उनके योगदान को याद किया और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 1734 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया, जिसमें सड़क, शिक्षा, सिंचाई, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल थीं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाणपत्र और स्वीकृति पत्र भी वितरित किए।
इस विशाल कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे थे, और सुरक्षा के लिहाज से कार्यक्रम स्थल की चार किलोमीटर की परिधि को पुलिस प्रशासन द्वारा घेर लिया गया था। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिनमें राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा, क्षेत्रीय प्रभारी संजय राय, क्षेत्रीय अध्यक्ष कमलेश मिश्रा, और अन्य प्रमुख नेता शामिल थे।
मुख्यमंत्री की इस जनसभा के दौरान उनकी कड़ी टिप्पणी और विकास योजनाओं के उद्घाटन से यह साबित हो गया कि उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के विकास और एकता के प्रति संकल्पित है।