दिल्ली की CM Rekha Gupta सरकार ने सभी श्रेणियों के श्रमिकों की सैलरी दरों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। राजधानी में मजदूरों को छह अलग-अलग वर्गों में विभाजित किया गया है। महंगाई के बढ़ते असर को ध्यान में रखते हुए सरकार ने नई वेतन दरें लागू करने का निर्णय लिया है। आइए जानते हैं कि ये नई दरें कब से लागू होंगी।
दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने मजदूरों के हित में एक बड़ा कदम उठाया है। भाजपा सरकार ने सभी श्रेणियों के श्रमिकों की सैलरी में इजाफा करने की घोषणा की है। नई वेतन दरें 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगी। दिल्ली में मजदूरों को कुल छह वर्गों में विभाजित किया गया है, जिनमें अकुशल, अर्ध-कुशल और कुशल श्रमिक शामिल हैं। सरकार का कहना है कि यह निर्णय बढ़ती महंगाई से लोगों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है।
नई वेतन दरें इस प्रकार होंगी:
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अकुशल श्रमिकों को अब ₹18,066 की जगह ₹18,456 प्रति माह मिलेंगे।
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अर्ध-कुशल श्रमिकों की मासिक सैलरी ₹19,929 से बढ़कर ₹20,371 कर दी गई है।
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कुशल श्रमिकों को अब ₹21,917 की बजाय ₹22,411 प्रतिमाह वेतन मिलेगा।
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गैर-मैट्रिकुलेट श्रमिकों की सैलरी ₹19,929 से बढ़कर ₹20,371 कर दी गई है।
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मैट्रिकुलेट (लेकिन ग्रेजुएट नहीं) श्रमिकों को अब ₹22,411 प्रतिमाह मिलेंगे, पहले उन्हें ₹21,917 मिलते थे।
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ग्रेजुएट व उससे ऊपर योग्यता रखने वाले श्रमिकों का वेतन ₹23,836 से बढ़कर ₹24,356 प्रति माह कर दिया गया है।
शिकायत कहां और कैसे करें
दिल्ली सरकार का कहना है कि नई बढ़ी हुई सैलरी दरें मजदूरों को आर्थिक सहारा देंगी और उन्हें महंगाई से लड़ने में मदद मिलेगी। यदि किसी श्रमिक को निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन नहीं दिया जाता, तो वह संबंधित जिले के अधिकारी के पास जाकर शिकायत दर्ज करा सकता है। श्रमिक न्यूनतम मजदूरी अधिनियम 1948 के तहत अपनी बात रख सकते हैं। ऐसी शिकायतों पर तुरंत सुनवाई होगी और तय नियमों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।