मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निहंग सिखों से मुलाकात कर 1984 दंगा पीड़ितों को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की और उनके वीरता व राष्ट्रभक्ति को नमन किया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने निहंग सिख समुदाय से मुलाकात कर उनके योगदान और वीरता को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने 1984 के सिख विरोधी दंगों में प्रभावित परिवारों के लिए नौकरी देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने संत कबीर कुटीर में निहंग सिखों का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके बलिदान, त्याग और धर्म रक्षा में ऐतिहासिक योगदान की सराहना की।
निहंग सिखों का योगदान और सम्मान
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि निहंग सिख धर्म और राष्ट्र की रक्षा में हमेशा अग्रणी रहे हैं। अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने पारंपरिक जयकारे “जो बोले सो निहाल, सतश्री अकाल” से की। उन्होंने निहंग सिखों को निर्भीक संत-सिपाही बताया जो गुरु गोविंद सिंह जी की अकाल सेना के रूप में धर्म की रक्षा करते आए हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने यह भी बताया कि 25 नवंबर को आयोजित 350वें शहीदी समागम में निहंग सिखों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया और यह आयोजन सिख इतिहास और बलिदान को याद रखने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
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1984 दंगा पीड़ितों को नौकरी
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि हरियाणा सरकार ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए निर्णय लिया है। विधानसभा में मंजूरी मिलने के बाद, 121 परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी दी जाएगी। यह कदम प्रभावित परिवारों को सम्मान और आर्थिक सुरक्षा देने के लिए उठाया गया है।
निहंग सिखों की प्रेरक भूमिका
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 24 दिसंबर को वीर बाल दिवस पर पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम का भी उल्लेख किया, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए थे। उन्होंने कहा कि इतिहास बताता है कि निहंग सिख जहां भी खड़े हुए, वहां परिवर्तन जरूर हुआ। आज देश को फिर से निर्भीक आवाज, निष्ठा और संकल्प की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “निहंग सिखों का आशीर्वाद हमारे लिए अमृत के समान है और उनके समर्पण से प्रेरणा लेकर हम राष्ट्र निर्माण में आगे बढ़ सकते हैं।”