हरियाणा के CM Nayab Saini ने आज यहां जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड की 58वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा,
CM Nayab Saini : जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड ने अधिकारियों को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने और सीवरेज प्रणालियों में सुधार करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अधिकारियों को 33 धानियों (बस्तियों) में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने और 12 नए गांवों में सीवरेज की सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए।
लोक स्वास्थ्य एवं इंजीनियरिंग मंत्री श्री एस. बैठक में रणबीर गंगवा भी मौजूद थे। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में विभाग के प्रमुख कार्यक्रमों में तेजी लाने पर चर्चा की गई और चालू वित्त वर्ष के लिए पहले से स्वीकृत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने महाग्राम योजना के तहत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अधिकारियों को हर घर में स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के लिए योजनाओं को तेजी से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में अमृत 2.0 के तहत किए जा रहे सीवरेज के बारे में शिकायतों का समय पर और योजनाबद्ध तरीके से समाधान किया जाए ताकि जनता को असुविधा न हो।
* ‘ढानियों’ में पीने के पानी की आपूर्ति करने का निर्णय *
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि विभाग हरियाणा में 20 से अधिक घरों वाली ढाणियों में पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करेगा। इसके लिए विभाग सभी जरूरी इंतजाम करेगा। जिन ढानियों की पहचान की गई है उनमें अंबाला में 2, फरीदाबाद में 5, हिसार में 2, करनाल में 3, कुरुक्षेत्र में 5, मेवात (नूंह) में 7, पलवल में 2, पानीपत में 3 और सिरसा में 4 शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन ढाणियों में प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाना चाहिए।
अमृत 2.0 के तहत 12 नए गांवों में सीवरेज की सुविधा
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को ग्रामीण क्षेत्रों में अमृत 2.0 के तहत सीवरेज बिछाने के बाद सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित करने में आने वाली चुनौतियों के बारे में जानकारी दी। यह निर्णय लिया गया कि इस योजना के तहत गांवों का चयन करने से पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वहां एसटीपी स्थापित हों। अधिकारियों ने यह भी बताया कि 17 परियोजनाएं पहले ही पूरी हो चुकी हैं और अगले चरण में 12 नए गांवों में जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। एस. नायब सिंह सैनी ने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया कि गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण (क्यू. ए. ए.) समय-समय पर इन परियोजनाओं का निरीक्षण करे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शहरी क्षेत्रों में सीवरेज नेटवर्क को उन्नत किया जाएगा और अपशिष्ट जल के उपचार के लिए नई परियोजनाएं तैयार की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ पेयजल और एक मजबूत सीवरेज प्रणाली सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा दोनों के लिए आवश्यक है। जन स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने भी बैठक में चल रही योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जनता को समय पर सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए और निर्देश दिया कि सभी विभाग निकट समन्वय के साथ काम करें।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस. इस अवसर पर मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव श्री अनुराग रस्तोगी उपस्थित थे। राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, आयुक्त और सार्वजनिक स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग विभाग के सचिव मोहम्मद शायिन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. साकेत कुमार, हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण की अध्यक्ष श्रीमती. केशनी आनंद अरोड़ा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ।