CM Bhajanlal Sharma ने कहा कि चित्तौड़गढ़ का कण-कण वीरता की कहानियों से भरा पड़ा है। उन्होंने राणा सांगा के जीवन को स्वतंत्रता, साहस और बलिदान का प्रतीक बताया।

CM Bhajanlal Sharma said that every part of Chittorgarh is filled with stories of bravery. He described the life of Rana Sanga as a symbol of freedom, courage and sacrifice.

CM Bhajanlal Sharma ने वीर-वीरांगनाओं के बलिदान को स्मरण करते हुए कहा कि स्वतंत्रता और सम्मान से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने चित्तौड़गढ़ को शक्ति, भक्ति, त्याग और तपस्या की पावन भूमि बताते हुए कहा कि यहां की हर शिला वीरता की गाथाएं समेटे हुए है, और इसका इतिहास त्याग व बलिदान से ओत-प्रोत है।

CM Bhajanlal Sharma मंगलवार को चित्तौड़गढ़ में जौहर स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि शौर्य और त्याग को आत्मसात करने का संकल्प लेने का क्षण है। उन्होंने चित्तौड़गढ़ दुर्ग को राष्ट्रीय अस्मिता और सनातन संस्कृति का प्रतीक बताते हुए कहा कि यहां के क्षत्रिय योद्धा मातृभूमि के लिए मर मिटने को गौरव मानते थे। मेवाड़ के राज्य चिन्ह में आदिवासी प्रतिनिधि की उपस्थिति सामाजिक समरसता को दर्शाती है।

राणा सांगा: स्वतंत्रता, साहस और बलिदान के प्रतीक

CM Bhajanlal Sharma ने कहा कि पूरी दुनिया मेवाड़ के वीरों से प्रेरणा लेती है, लेकिन कुछ अराजक तत्व उनके गौरव को धूमिल करने का प्रयास करते हैं, जो अस्वीकार्य है। उन्होंने राणा सांगा को एक महान योद्धा बताते हुए कहा कि उन्होंने मातृभूमि और सनातन धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया। राणा सांगा न केवल मेवाड़ की, बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के रक्षक थे। ऐसे वीरों पर सवाल उठाना उनके अपमान के समान है, और जो ऐसा करते हैं, उन्हें समूचे देश से क्षमा मांगनी चाहिए।

राज्य सरकार ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध

CM Bhajanlal Sharma ने कहा कि प्रदेश सरकार ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। चित्तौड़गढ़ संग्रहालय के उन्नयन के साथ-साथ महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट को विकसित किया जा रहा है। साथ ही, सीतामाता अभयारण्य, ऋषभदेव, गौतमेश्वर मंदिर और मातृ कुण्डिया सहित कई पर्यटन स्थलों को मिलाकर 100 करोड़ रुपये की लागत से ट्राइबल टूरिस्ट सर्किट विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा, चित्तौड़गढ़ में लाइट एंड साउंड शो का उन्नयन, छतरंग मोरी-चित्तौड़गढ़ में रोपवे सुविधा और 7100 करोड़ रुपये की लागत से चित्तौड़गढ़ और भीलवाड़ा के बांधों से संबंधित परियोजनाएं भी कार्यान्वित की जा रही हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने जौहर साका स्मारिका का विमोचन किया और विभिन्न प्रतिभाओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम से पूर्व उन्होंने कालिका माता मंदिर में दर्शन किए। इस दौरान उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, सहकारिता राज्यमंत्री श्री गौतम दक, महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री डॉ. मंजू बाघमार, विधायकगण और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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