गर्मियों में Bachchon में तीन बीमारियों का ज्यादा खतरा होता है, जाने इस बारे में

by editor
गर्मियों में Bachchon में तीन बीमारियों का ज्यादा खतरा होता है, जाने इस बारे में

इस वक्त देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ रही है। ऐसे मौसम में छोटे बच्चों की सेहत को लेकर विशेष सावधानी बरतनी जरूरी होती है। गर्मियों के दौरान Bachchon को तीन खास बीमारियों का सबसे अधिक खतरा रहता है।

गर्मियों में सेहत का खास ख्याल रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि तापमान बढ़ने से कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। शरीर में पानी की कमी इस मौसम में कई समस्याएं पैदा कर सकती है। वैसे तो गर्मी सभी के लिए चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन Bachchon के लिए यह खतरा और ज्यादा होता है।गर्मी के इस मौसम में बच्चों को तीन खास बीमारियों का अधिक खतरा होता है। ये बीमारियां कौन-सी हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है

 गर्मी बढ़ने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे सबसे ज्यादा खतरा डायरिया का होता है। गर्मियों में खाने-पीने की चीजों में बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपते हैं। इनसे संक्रमित भोजन के सेवन से पेट में इन्फेक्शन हो जाता है, जिससे दस्त की शिकायत होती है। इसके लक्षणों में बार-बार दस्त आना, पेट दर्द और उल्टी शामिल हैं। ऐसे मामलों में Bachchon को पर्याप्त मात्रा में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स देना बेहद जरूरी होता है।

हीट स्ट्रोक का खतरा:
 गर्मियों में Bachchon को हीट स्ट्रोक होने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि उनका शरीर तापमान को संतुलित करने में उतना सक्षम नहीं होता। यह स्थिति खासकर तब होती है जब बच्चे लंबे समय तक तेज धूप में रहते हैं। इसलिए बच्चों को स्कूल से लाते समय या बाहर भेजते वक्त धूप से बचाव के उपाय जरूर करें—जैसे सिर ढककर रखना, छाते का इस्तेमाल करना और उन्हें समय-समय पर पानी पीने की सलाह देना। यदि बच्चे को तेज बुखार, सिरदर्द या चक्कर आने लगे तो तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं, क्योंकि ये हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं।

गर्मियों में टाइफाइड का बढ़ता खतरा
गर्मी के मौसम में टाइफाइड के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जाती है। यह बीमारी मुख्य रूप से दूषित पानी और खराब या बासी भोजन के सेवन से फैलती है, जिससे शरीर में बैक्टीरियल इन्फेक्शन हो जाता है। टाइफाइड के प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द और पेट में दर्द शामिल हैं। अगर कोई बच्चा तीन दिन से अधिक इन लक्षणों से पीड़ित हो, तो टाइफाइड की जांच करवाना जरूरी है। यदि जांच में संक्रमण की पुष्टि होती है, तो डॉक्टर की सलाह पर एंटीबायोटिक्स से इलाज किया जाता है।

इन बीमारियों से बच्चों को कैसे बचाएं:

  • बच्चों को साफ-सफाई का महत्व समझाएं और नियमित रूप से हाथ धोने के लिए प्रेरित करें।

  • उन्हें पर्याप्त मात्रा में साफ और ताजे पानी का सेवन कराएं।

  • सड़क किनारे मिलने वाले खाने से दूर रखें।

  • बाहर निकलते समय बच्चों को धूप से सुरक्षित रखें, जैसे टोपी पहनाना या छाता देना।

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