भारत और न्यूजीलैंड के बीच Champions Trophy का फाइनल 9 मार्च को दुबई में खेला जाएगा। इस खिताबी मुकाबले से पहले बड़ा सवाल यह है कि क्या न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी खेलेंगे या नहीं? सेमीफाइनल के दौरान कैच पकड़ते समय वह चोटिल हो गए थे, लेकिन अब कीवी कोच गैरी स्टीड ने उनकी उपलब्धता को लेकर बड़ा अपडेट दिया है।
भारतीय फैंस की नजरें न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी पर टिकी हैं, क्योंकि अगर वह फाइनल में नहीं खेलते तो यह टीम इंडिया के लिए बड़ा फायदा हो सकता था। लेकिन भारत के लिए किसी झटके से कम नहीं। न्यूजीलैंड के हेड कोच गैरी स्टीड ने जानकारी दी है कि मैट हेनरी फिर से टीम से जुड़ गए हैं और नेट्स पर गेंदबाजी भी शुरू कर दी है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हेनरी फाइनल खेलेंगे या नहीं, इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
Champions Trophy फाइनल से पहले मैट हेनरी की फिटनेस पर बड़ा अपडेट
न्यूजीलैंड के हेड कोच गैरी स्टीड ने Champions Trophy फाइनल से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैट हेनरी की फिटनेस को लेकर अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टीम को उम्मीद है कि हेनरी इस मुकाबले तक पूरी तरह फिट हो जाएंगे। हालांकि, उनके कंधे के निचले हिस्से में अभी भी दर्द है और उनकी उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
हेनरी नेट्स पर गेंदबाजी करने लगे हैं, जो टीम के लिए सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा, “हमने उनका स्कैन करवाया है और उन्हें खेलने का हर संभव मौका देंगे, लेकिन अभी तक कोई पक्का फैसला नहीं लिया गया है।”
मैट हेनरी के कंधे की चोट बनी चिंता का विषय
बता दें कि मैट हेनरी को बुधवार को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल मैच के दौरान कंधे में चोट लगी थी। हालांकि, वह मैदान छोड़ने के बाद वापस लौटे थे, लेकिन कप्तान मिचेल सैंटनर ने बताया था कि उनके कंधे में अब भी दर्द बना हुआ है। उन्होंने कहा था कि टीम फाइनल से पहले उनकी स्थिति पर नजर बनाए रखेगी और अंतिम फैसला कुछ दिनों में लिया जाएगा।
मैट हेनरी क्यों हैं भारत के लिए खतरा?
मैट हेनरी भारतीय टीम के लिए इसलिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं क्योंकि उनकी सटीक लाइन-लेंथ और तेज गति अक्सर भारतीय बल्लेबाजों को परेशानी में डालती है। यदि 2023 की शुरुआत से अब तक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। हेनरी ने 66 पारियों में 136 विकेट चटकाए हैं, जिससे उनकी प्रभावशाली गेंदबाजी क्षमता साफ झलकती है। यही वजह है कि टीम इंडिया नहीं चाहेगी कि वह Champions Trophy फाइनल के लिए पूरी तरह फिट होकर मैदान पर उतरें।