IPL 2025 में दिल्ली कैपिटल्स 10 मैचों में से 6 जीतकर पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर है। कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ अपने घर पर 14 रनों से मिली हार ने उसकी राह में मुश्किलें खड़ी कर दी हैं, और अब उसे प्लेऑफ की रेस से बाहर होने का खतरा महसूस हो रहा है।
दिल्ली कैपिटल्स (DC) ने आईपीएल 2025 में शानदार शुरुआत की थी, जहां टीम ने लगातार 4 मैच जीतकर टूर्नामेंट की नंबर-1 टीम बनने का दावा पेश किया था। इस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद उनके प्लेऑफ में पहुंचने का लगभग तय माना जा रहा था। लेकिन हाल ही में कुछ हार ने उनकी स्थिति को मुश्किल बना दिया है। खासकर, कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ घर पर 14 रनों की हार ने दिल्ली की समस्याओं को बढ़ा दिया है। हालांकि, 10 मैचों में 6 जीत के साथ दिल्ली अभी भी पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर है, लेकिन अब उसके बाहर होने का खतरा पैदा हो गया है। तो क्या इस सीजन की सबसे मजबूत टीमों में शामिल दिल्ली कैपिटल्स प्लेऑफ से बाहर हो जाएगी? आइए, हम इसका पूरा गणित समझते हैं।
दिल्ली कैपिटल्स पर बाहर होने का खतरा क्यों है? अक्षर पटेल की कप्तानी में दिल्ली ने 10 मैचों में 12 अंक हासिल किए हैं और वह फिलहाल टॉप-4 में बनी हुई है। फिर भी, उसे बाहर होने का खतरा है क्योंकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 10 मैचों में 14 अंक के साथ पहले स्थान पर है। इसके अलावा, मुंबई इंडियंस भी 10 मैचों में 12 अंक के साथ दूसरे नंबर पर है, जबकि गुजरात टाइटंस 9 मैचों में 12 अंक लेकर तीसरे स्थान पर हैं। दूसरी ओर, श्रेयस अय्यर की कप्तानी में पंजाब किंग्स भी 9 मैचों में 11 अंक लेकर पांचवें नंबर पर है।
दिल्ली इन पांच टीमों में अंक और नेट रन रेट के मामले में केवल पंजाब से आगे है, लेकिन पंजाब ने एक मैच कम खेला है, जिसका मतलब है कि उसके पास दिल्ली से आगे निकलने का मौका है। वहीं, गुजरात टाइटंस और मुंबई इंडियंस भी 12 अंक पर हैं, लेकिन मुंबई का नेट रन रेट (+0.889) दिल्ली (+0.362) से बेहतर है। इसके अलावा, गुजरात ने दिल्ली से एक मैच कम खेला है, जिससे वह भी अगले मैच के बाद अंक तालिका में आगे बढ़ सकती है। इस स्थिति से दिल्ली की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि अगर गुजरात और पंजाब अपना 10वां मैच जीतते हैं, तो दिल्ली टॉप-4 से बाहर हो जाएगी।
IPL में आमतौर पर 16 अंक हासिल करने पर प्लेऑफ में जगह पक्की मानी जाती है, यानी लीग स्टेज में 14 मैचों में से 8 जीतने की जरूरत होती है। दिल्ली ने अब तक 6 मैच जीते हैं और उसके पास 4 मैच बाकी हैं, जिनमें उसे SRH, PBKS, GT और MI से मुकाबला करना है। यदि दिल्ली इन 4 में से किसी भी 2 मैचों में जीत हासिल कर लेती है, तो वह 16 अंक तक पहुंच जाएगी और प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर सकती है।
हालांकि, अगर वह सिर्फ 1 मैच ही जीत पाती है, तो उसका भविष्य NRR और दूसरी टीमों के परिणामों पर निर्भर करेगा। दिल्ली के पास अभी भी अपनी किस्मत खुद तय करने का मौका है, लेकिन अगर वह आगामी मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं करती, तो उसका सीजन खत्म हो सकता है। अब यह देखना होगा कि क्या अक्षर पटेल की टीम इस चुनौती को स्वीकार कर पाती है।