अमित शाह का एनडीए चुनावी रणनीति में रोल
अमित शाह पहले ही यह साफ कर चुके हैं कि एनडीए बिहार चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेगा। लेकिन जब भी मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर सवाल उठाए गए, शाह ने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। सूत्रों के मुताबिक, नीतीश कुमार चाहते थे कि उन्हें मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर पेश किया जाए, लेकिन बीजेपी इस पर सहमत नहीं हुई है।
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सीट बंटवारे के बाद एनडीए में हलचल
सीट बंटवारे के बाद एनडीए में हलचल तेज हो गई है। भाजपा और जेडीयू ने 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, जबकि चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें दी गई हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय लोक मोर्चा और जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा को छह-छह सीटें दी गई हैं। इस सीट बंटवारे को लेकर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने नाराजगी जताई थी, जिसके बाद वे अमित शाह से मिलने दिल्ली पहुंचे थे।
अगर एनडीए जीती तो कौन होगा मुख्यमंत्री?
नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू हमेशा से बिहार चुनाव में बड़े भाई की भूमिका में रही है, लेकिन इस बार बीजेपी ने बराबरी पर चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। हाल ही में एक इंटरव्यू में अमित शाह से पूछा गया कि अगर एनडीए की सरकार बनती है तो कौन मुख्यमंत्री होगा। इस पर अमित शाह ने साफ तौर पर कोई जवाब नहीं दिया और कहा कि एनडीए एक बड़ा गठबंधन है, और इस फैसले को सभी पार्टियां मिलकर लेंगी।
बिहार चुनाव तिथियां
बिहार चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को आएंगे।