Saturday, April 18, 2026

बैसाखी महोत्सव 2026: कुरुक्षेत्र में भव्य आयोजन का शुभारंभ, किसानों की मेहनत और खालसा पंथ की स्थापना को किया गया याद

by Neha
बैसाखी महोत्सव 2026: कुरुक्षेत्र में भव्य आयोजन का शुभारंभ, किसानों की मेहनत और खालसा पंथ की स्थापना को किया गया याद

कुरुक्षेत्र में बैसाखी महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन हुआ। सीएम नायब सिंह सैनी ने किसानों की मेहनत, संस्कृति और खालसा पंथ की स्थापना को याद किया।

कुरुक्षेत्र की पवित्र धरा पर दो दिवसीय बैसाखी महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला। यह पर्व जहां किसानों की मेहनत और फसल की खुशी का प्रतीक है, वहीं धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी इसका विशेष महत्व माना जाता है।

किसानों की मेहनत का उत्सव

कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि बैसाखी का पर्व किसानों के परिश्रम और उनकी खुशहाली का प्रतीक है। जब खेतों में फसलें पककर तैयार होती हैं, तो यह समय किसान के लिए उत्सव जैसा होता है। यह पर्व प्रकृति के प्रति आभार और समृद्धि के जश्न का संदेश देता है।

आस्था और परंपरा का प्रतीक

बैसाखी न केवल एक कृषि पर्व है, बल्कि यह भारतीय परंपरा, संस्कृति और इतिहास का जीवंत उदाहरण भी है। यह पर्व समाज को श्रम के सम्मान, प्रकृति से जुड़ाव और एकता का संदेश देता है।

कुरुक्षेत्र में सांस्कृतिक आयोजन

धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र में आयोजित इस भव्य महोत्सव में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पूरे आयोजन में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने माहौल को और अधिक भव्य बना दिया।

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खालसा पंथ की स्थापना को किया गया याद

इस अवसर पर वर्ष 1699 में दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी द्वारा खालसा पंथ की स्थापना को भी स्मरण किया गया। उनके योगदान और आदर्शों को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

मुख्यमंत्री का संदेश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बैसाखी का पर्व किसानों की मेहनत, आस्था और समृद्धि का प्रतीक है। उन्होंने इस अवसर पर सभी को शुभकामनाएं देते हुए समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करने का संदेश दिया।

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