कई बार ज्यादा काम की वजह से Back Pain और पैरों में दर्द होना सामान्य बात होती है, लेकिन अगर यह दर्द बार-बार हो रहा है और धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। इसलिए शुरुआत में ही इसका इलाज करवाना जरूरी है। इसी विषय पर हमने एक ऑर्थोपेडिक सर्जन से बातचीत की और जाना कि आखिर कमर और पैरों में दर्द होने के क्या कारण हो सकते हैं।
अक्सर अत्यधिक शारीरिक मेहनत या अचानक झटका लगने की वजह से Back Pain और पैरों में दर्द हो सकता है। लेकिन अगर बिना किसी खास कारण के यह दर्द बार-बार हो रहा है, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकता है। खासकर जब यह दर्द कमर से शुरू होकर पैरों तक पहुंचे, तो सतर्क हो जाना चाहिए। शुरुआत में यह हल्का होता है, लेकिन धीरे-धीरे इतना बढ़ सकता है कि चलना-फिरना और खड़ा रहना तक मुश्किल हो जाता है। आखिर कमर और पैरों में ऐसा दर्द क्यों होता है और इसके पीछे कौन-सी बीमारी जिम्मेदार होती है, इस पर ऑर्थोपेडिक सर्जन ने जानकारी दी।
जब Back Pain कूल्हे, जांघ के पिछले हिस्से, पिंडलियों से होता हुआ एड़ी तक पहुंचता है, तो इसे साइटिका कहा जाता है। यह समस्या तब होती है जब रीढ़ की हड्डी में नसें दब जाती हैं। साइटिका का दर्द अक्सर तेज, चुभने वाला होता है और कई बार इतना गंभीर हो जाता है कि खड़े होना तक मुश्किल हो जाता है। कुछ मामलों में इसका इलाज सर्जरी से भी करना पड़ता है। आखिर साइटिका क्यों होता है और यह बीमारी क्या है
साइटिका क्यों होता है?
साइटिका का दर्द तब होता है जब “सियाटिक नर्व” दब जाती है। यह नस रीढ़ की हड्डी से शुरू होकर पैरों की एड़ियों तक जाती है। रीढ़ में मौजूद डिस्क (कुशन की तरह) जब हर्नियेट हो जाती है यानी उसमें से मुलायम भाग बाहर निकल आता है, तो वह नस पर दबाव डाल सकता है, जिससे तेज दर्द होता है।
इसके अलावा, रीढ़ की हड्डी के आसपास हड्डी का असामान्य रूप से बढ़ना, स्पाइनल स्टेनोसिस (रीढ़ की हड्डी का संकरा हो जाना), चोट लगना, या ज्यादा एक्सरसाइज करना भी नस के दबने का कारण बन सकता है। गर्भावस्था, पेल्विक फ्लोर डिसफंक्शन, कुछ विशेष प्रकार के ट्यूमर या सिस्ट भी साइटिका की वजह बन सकते हैं। गंभीर मामलों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।
साइटिका के लक्षण:
- पीठ और कमर में दर्द
- दर्द का पैरों और जांघों में फैल जाना, जो घुटनों के पीछे तक जा सकता है
- पैरों में सुन्नपन या झनझनाहट
- मांसपेशियों में कमजोरी और अकड़न महसूस होना
क्या करें अगर साइटिका का दर्द हो?
अगर आपको साइटिका से जुड़ा दर्द महसूस होता है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। आराम करना ज़रूरी है और डॉक्टर द्वारा बताई गई एक्सरसाइज नियमित रूप से करनी चाहिए। दर्द से राहत पाने के लिए कुछ दवाइयों या इंजेक्शनों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
फिजियोथेरेपी इस स्थिति में काफी कारगर होती है, लेकिन अगर इससे भी फायदा न हो तो सर्जरी कराकर उस नस के दबाव को हटाना पड़ता है, जिससे स्थायी राहत मिल सके।