स्लिप डिस्क या अन्य कारण? जानें क्यों आपकी रीढ़ की हड्डी में दर्द लगातार बना रहता है

स्लिप डिस्क या अन्य कारण? जानें क्यों आपकी रीढ़ की हड्डी में दर्द लगातार बना रहता है

रीढ़ की हड्डी में लगातार दर्द हो रहा है? जानें स्लिप डिस्क, स्पोंडिलोसिस और अन्य कारण, लक्षण और दर्द से बचाव के आसान उपाय।

रीढ़ की हड्डी में लगातार दर्द आजकल बहुत आम समस्या बन गई है। कई लोग इसे केवल थकान, गलत बैठने या उम्र बढ़ने की वजह मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर यह दर्द लगातार बना रहता है या बार-बार बढ़ता है, तो यह किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।

रीढ़ की हड्डी में दर्द के आम कारण

एक्सपर्ट्स के अनुसार, रीढ़ की हड्डी में दर्द कई कारणों से हो सकता है, जिनमें प्रमुख हैं:

  1. स्लिप डिस्क (Herniated Disc): यह सबसे सामान्य समस्या है। स्लिप डिस्क में रीढ़ की डिस्क अपनी जगह से हट जाती है और नसों पर दबाव डालती है। इसका परिणाम तेज दर्द और कभी-कभी दर्द का हाथ या पैर तक फैलना हो सकता है।

  2. सर्वाइकल और लम्बर स्पोंडिलोसिस: उम्र बढ़ने के साथ रीढ़ की हड्डियों में हड्डी और डिस्क की संरचना कमजोर हो जाती है, जिससे गर्दन और कमर के निचले हिस्से में लगातार दर्द रहता है।

  3. ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों की कमजोरी): कमजोर हड्डियां रीढ़ की हड्डी में दर्द का बड़ा कारण बन सकती हैं।

  4. चोट और नसों की समस्याएं: पुरानी सूजन, चोट या नसों से जुड़ी समस्याएं भी दर्द को बढ़ा सकती हैं।

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स्लिप डिस्क क्यों होती है?

स्लिप डिस्क आमतौर पर 30-50 साल की उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती है। इसके कारणों में शामिल हैं:

  • गलत पोस्चर में लंबे समय तक बैठना

  • भारी वजन उठाना

  • मोटापा

  • अचानक चोट या गिरना

यदि समय रहते इलाज न कराया जाए, तो नसों पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी, सुन्नपन और गंभीर मामलों में पैरालिसिस भी हो सकता है।

ऐसे लक्षण नजरअंदाज न करें

अगर रीढ़ की हड्डी में दर्द के साथ हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन, मांसपेशियों में कमजोरी, झुकने-उठने में परेशानी या लंबे समय तक बैठने में कठिनाई हो रही है, तो यह गंभीर चेतावनी संकेत हैं। ऐसे मामलों में खुद से दवा लेने की बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

रीढ़ की हड्डी को स्वस्थ रखने के उपाय

  • सही पोस्चर अपनाएं: बैठने और उठने के सही तरीके का पालन करें।

  • स्ट्रेचिंग और हल्की एक्सरसाइज: लंबे समय तक बैठने से बचें और बीच-बीच में स्ट्रेचिंग करें।

  • योग और वॉक: नियमित हल्की एक्सरसाइज और योग रीढ़ को मजबूत बनाते हैं।

  • भारी वजन न उठाएं: वजन नियंत्रित रखें।

  • सही गद्दे का उपयोग: सोते समय सपोर्टिव गद्दे का चयन करें।

रीढ़ की हड्डी में दर्द को नजरअंदाज करना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को न्योता दे सकता है। समय पर सही जांच और उपाय से आप इसे नियंत्रित कर सकते हैं और जीवन को आरामदायक बना सकते हैं।

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