16 अप्रैल को राज्यसभा चुनाव से जुड़े कथित पार्टी-विरोधी कार्यों के कारण जरनैल सिंह को कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से बाहर कर दिया गया है। व्हिप उल्लंघन के मामले में विधानसभा सदस्यता पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
रतिया से कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह को हरियाणा विधानसभा में अधिक चुनौती मिली है। उन्हें व्हिप का कथित उल्लंघन करने के आरोप में कांग्रेस विधायक दल के मुख्य सचेतक भरत भूषण बत्तरा ने कारण बताओ नोटिस भेजा है।
नोटिस में संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत सदस्यता से अयोग्य ठहराने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। जरनैल सिंह को 30 दिन के भीतर दस्तावेजी और बिंदुवार साक्ष्यों के साथ अपना जवाब देना होगा।
नोटिस के अनुसार, कांग्रेस विधायक दल ने 27 अगस्त से 1 सितंबर तक चलने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में तीन-पंक्ति का व्हिप जारी किया था। इसमें सभी विधायकों को सदन में उपस्थित रहने और अधीरन प्रस्ताव का समर्थन करने का आदेश दिया गया था।
मुख्य सचेतक की ओर से सचेतक इंदुराज नरवाल ने व्हिप को व्यक्तिगत रूप से जरनैल सिंह को देने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने स्वीकार नहीं किया।
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सदन में उपस्थित रहे, लेकिन प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया
नोटिस में कहा गया है कि कांग्रेस के अन्य विधायक प्रस्ताव पर मतदान के दौरान समर्थन में खड़े हुए, जबकि जरनैल सिंह सदन में मौजूद होने के बावजूद नहीं।
साथ ही, फोटो और वीडियो साक्ष्यों का हवाला देते हुए कहा गया है कि वे सदन के भीतर पोस्टर और प्लैकार्ड लेकर सत्ता पक्ष की ओर गए और मंत्री कृष्ण बेदी और खेल मंत्री गौरव गौतम के साथ कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ नारेबाजी करते देखा गया।
जरनैल सिंह को पहले ही 16 अप्रैल को राज्यसभा चुनाव से जुड़े कथित पार्टी-विरोधी कार्यों के कारण पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निकाला गया था। व्हिप उल्लंघन के मामले में विधानसभा सदस्यता पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।