मनोज सोरठिया: रिटेल व्यापारियों का मुनाफा मुश्किल से 5 से 7 प्रतिशत होता है, 0.4% टैक्स से उन्हें अपनी जेब से देने की नौबत आएगी
आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया ने पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए बताया था कि, हाल ही में दिल्ली से एक शाही फरमान जारी किया गया है। देश के लोगों की जेब काटने की यह एक शुरुआत कही जा सकती है। UPI तकनीक के माध्यम से होने वाले ट्रांजैक्शन हमारे देश के लिए और हम सभी के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण तकनीक है, लेकिन अब इसे भी बर्बाद करने के नाम पर ये लोग टैक्स लगा रहे हैं। कल जो घोषणा हुई उसके अनुसार आगामी 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट ट्रांजैक्शनों पर 0.4% टैक्स लिया जाएगा। इससे व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। हमारे देश के रिटेल व्यापारियों का मुनाफा ही मुश्किल से 5 से 7 प्रतिशत के आसपास होता है, जिसमें यह 0.4% का टैक्स लगने से व्यापारियों को भी अपनी जेब से देने की नौबत आएगी और अंततः यह बोझ लोगों की जेब से ही वसूला जाएगा। एक तरफ एनसीपीआई (NCPI), जो इन ट्रांजैक्शनों को करता है और जिसके पास UPI के पीछे की तकनीक है, वह पहले से ही भारी मुनाफे में है और उसके पास ₹6,000 करोड़ की नकदी पड़ी है। ऐसी मुनाफा करने वाली कंपनी और सरकारी तंत्र द्वारा MDR के नाम पर टैक्स लगाने का काम किया जा रहा है।
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दूसरी तरफ, UPI के कारण देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़े थे, जिससे पैसों का सर्कुलेशन मेनस्ट्रीम में आ रहा था और सरकार को भी इनकम टैक्स तथा सभी ट्रांजैक्शनों के कवर होने का फायदा होता था। लेकिन इस टैक्स से और जो शुरुआत हुई है उससे आने वाले दिनों में टैक्स बढ़ता जाएगा। इन ट्रांजैक्शनों पर टैक्स लगाने से आने वाले दिनों में लोग फिर से कैश ट्रांजैक्शन की ओर रुख करेंगे और लोगों को अपनी जेब में नकद राशि लेकर घूमना पड़ेगा। इसलिए इस फरमान का हम कड़ा विरोध करते हैं। मैं गुजरात की जनता से भी विनती करता हूं कि, सरकार पिछले काफी समय से लोगों की जेब काटने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं कर रही है। आज देश की आर्थिक स्थिति इतनी खराब है कि विदेशी पूंजी देश से भाग रही है, देश के उद्योगपति भी विदेश में निवेश करने जा रहे हैं और युवाधन को इस देश पर विश्वास नहीं रहा है, जिससे युवाधन देश छोड़कर विदेश की ओर जा रहा है। पूरी तरह विफल रही इस सरकार ने अब ट्रांजैक्शन पर टैक्स लगाने की जो बात की है उसका हम सभी को विरोध करना होगा। सभी जनता और व्यापारियों से खुलकर विरोध करने की विनती है, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी ‘चमत्कार बिना नमस्कार नहीं’ में विश्वास रखने वाली है। गुजरात में आम आदमी पार्टी इस मुद्दे पर विरोध दर्ज कराती है और आने वाले दिनों में जरूरत महसूस हुई तो सड़कों पर उतरकर भी लोगों की जेब काटने वाले इस शाही फरमान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।
मनोज सोरठिया ने आगे बताया था कि आज के समय में देश के अंदर ऑनलाइन ट्रांजैक्शन हम सभी के लिए अब लगभग एक जरूरत और मजबूरी बन गए हैं। तकनीक की इस बदलती दुनिया में आज सभी चीजें हम ऑनलाइन माध्यम से ही खरीदते हैं, जिससे हमारी अधिकांश नकदी और अधिकांश ट्रांजैक्शन हम डिजिटल माध्यम से ही पूरे करते हैं। ऐसे समय में सरकार द्वारा अनावश्यक टैक्स लगाया जा रहा है। हम पहले से ही जानते हैं कि हर चीज पर लगभग टैक्स लगाकर ‘वन नेशन, वन टैक्स’ की बातें करने वाले लोग आज टैक्स लेने का एक भी मौका नहीं छोड़ते। आज की वास्तविक स्थिति यह है कि उद्योगपतियों को जो मांगते हैं वह सब कुछ मिल जाता है, जबकि आम आदमी की जेब पर कैंची चलाई जा रही है और उसके अधिकारों में भी सरकार कटौती कर रही है। इन नीतियों के कारण आज देश का आम आदमी आर्थिक बोझ के नीचे दब रहा है और उसकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब हो चुकी है। महंगाई और अतिरिक्त टैक्स के बोझ के बीच आज सामान्य परिवार के लिए सम्मानपूर्वक जीना भी बेहद मुश्किल हो गया है।