मनोज सोरठिया: विधानसभा का लाइव प्रसारण नहीं करके सरकार अपने गलत आंकड़े और विफलताएं छिपाती है
आज सूखे के कारण दुखी किसानों के अधिकार के लिए जामनगर जिले के नानी वावडी गांव में “दुष्काल घोषणा सत्याग्रह सभा” का आयोजन किया गया था। इस दौरान किसानों से सूखा घोषित करने की मांग वाली अर्जियां तैयार की गईं। इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री मनोज सोरठिया ने किसानों की व्यथा सुनकर बताया कि, भाजपा सरकार के शासन में केवल उनके ठेकेदार और नेता ही सुखी हैं, जबकि आम किसानों की चिंता करने वाला कोई नहीं है। इसुदान गढ़वी ने भी सूखा घोषित करने की मांग की है। सरकार के 2016 के अपने ही मैनुअल के अनुसार अगर 4 सप्ताह तक बारिश न हो तो सूखा घोषित करना पड़ता है। यहां तो 6 सप्ताह बीत गए, फिर भी सरकार सर्वे के बहाने जिम्मेदारी से भाग रही है। इसलिए ‘आप’ द्वारा हर गांव से किसानों की अर्जियां तैयार करवाकर 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन गांधीनगर में मुख्यमंत्री कार्यालय में सौंपने का निर्णय लिया गया है।
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मनोज सोरठिया ने आगे कहा कि, जब लोकतंत्र में सरकार जनता के लिए काम करना बंद कर दे तब जागरूक नागरिकों को नए नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करना पड़ता है। आम आदमी पार्टी किसानों की इस लड़ाई में उनके साथ है। गुजरात में आज हर वर्ग और किसान परिवार भारी चिंता में है, लेकिन सरकार को कोई परवाह नहीं है। गुजरात विधानसभा का सदन भी लाइव प्रसारित नहीं किया जाता है, ताकि सरकार अपनी खामियां और सही आंकड़े छिपा सके। किसानों की स्थिति इतनी दयनीय हो गई है कि कर्ज के बोझ के नीचे लोग आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो गए हैं। अब समय आ गया है कि किसान, खेत मजदूर और सभी वर्ग एकजुट होकर अपने हक के लिए आवाज उठाएं और इस किसान विरोधी सरकार के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ें।