प्रेमानंद जी महाराज के अनुसार, हर रिश्ते की नींव और उसे निभाने का सबसे अहम सूत्र सिर्फ़ 'प्रेम' है।
प्रेमानंद जी महाराज का यह भी कहना है कि सच्चा प्रेम संसार में प्राप्त नहीं होता।
प्रेमानंद जी के अनुसार, 'प्रेम' एक अत्यंत दिव्य शब्द है, जिसे पाना आसान नहीं बल्कि बहुत कठिन है।