CM Bhajan Lal Sharma ने गुरुवार को संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना के तहत विभिन्न घटकों का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने निर्माणाधीन इसारदा बांध, नवनिर्मित नवनेरा बैराज और चंबल नदी पर एक्वाडक्ट के निर्माण स्थलों का दौरा किया। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने राम जल सेतु लिंक परियोजना (संशोधित पीकेसी परियोजना) के लिए महत्वपूर्ण एक्वाडक्ट पर काम की प्रगति की समीक्षा की उन्होंने कहा कि यह जल परियोजनाओं को आपस में जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा। यह परियोजना जल संरक्षण और सिंचाई विस्तार को बढ़ावा देने में एक मील का पत्थर साबित होगी।
निरीक्षण के बाद CM Bhajan Lal Sharma ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए ताकि लोगों को समयबद्ध तरीके से पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके। उन्होंने परियोजना के तहत नवनेरा बैराज के पास प्रस्तावित पंप हाउस का काम जल्द से जल्द शुरू करने का निर्देश दिया।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने शर्मा को बताया कि इस एक्वाडक्ट के माध्यम से रामगढ़ (ठंडी नदी) महलपुर (पार्वती नदी) और नवनेरा (कालीसिंध नदी) बैराजों का पानी चंबल नदी को पार करके मेज बैराज में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद लिफ्ट सिस्टम के माध्यम से पानी को बिसलपुर और इसारदा बांधों तक पहुंचाया जाएगा। 2280 मीटर लंबे इस जलसेतु का एक छोर कोटा के पिपालदा समेल गांव में और दूसरा छोर बूंदी के गोहाता गांव में होगा।
जलसेतु के निर्माण से जल प्रबंधन प्रणाली और मजबूत होगी। इसके अलावा कोटा की सुल्तानपुर तहसील के लोगों को बूंदी के रास्ते एक नया पक्का सड़क मार्ग भी मिलेगा। हवाई सर्वेक्षण के दौरान जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अभय कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।