Sunday, August 2, 2026

CM Yogi Adityanath ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के कार्यों की समीक्षा की

by editor
CM Yogi Adityanath reviewed the works of Housing and Urban Planning Department

CM Yogi Adityanath  ने विकास प्राधिकरणों में लम्बे समय से लंबित भवन मानचित्रों की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि बार-बार आपत्तियां लगाना उचित नहीं है, और ऐसे मामलों को एक बार में ही हल किया जाना चाहिए। सभी लंबित मामलों के समाधान के लिए समय-सीमा तय कर दी जाए। साथ ही उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन नगरों में जीआईएस आधारित मास्टर प्लान अभी तक मंजूर नहीं हुए हैं, उन्हें इसी महीने के अंत तक स्वीकृति दिलाई जाए।

मुख्यमंत्री ने अपने सरकारी आवास पर हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि शहरी नियोजन, आवास, ढांचागत विकास और डिजिटल प्रबंधन को एकीकृत ढंग से लागू किया जाए।

बैठक में मेट्रो परियोजनाओं की जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि कानपुर मेट्रो का मोतीझील से सेंट्रल स्टेशन तक का अंडरग्राउंड सेक्शन पूरा हो गया है और बाकी दो कॉरिडोर इसी साल के अंत तक पूरे होंगे। आगरा मेट्रो का पहला कॉरिडोर दिसंबर 2025 और दूसरा 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है। लखनऊ मेट्रो में चारबाग से बसंतकुंज तक का काम भी तेज़ी से चल रहा है।

भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 पर 16 से 30 अप्रैल तक लोगों से सुझाव मांगे गए थे, जिनके आधार पर इसका अंतिम रूप तैयार किया जाएगा।

CM Yogi Adityanath   ने लखनऊ विकास प्राधिकरण की सीमाएं बढ़ाने की आवश्यकता बताई और जेपीएनआईसी को जल्द से जल्द प्राधिकरण को सौंपने का निर्देश दिया। उन्होंने लखनऊ में 900 करोड़ की लागत से बनने वाले इंटरनेशनल एक्ज़ीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर को दो वर्षों के भीतर पूरा करने को कहा।

यू.पी.-एस.सी.आर. योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इसकी डीपीआर प्रक्रिया में कोई देरी न हो। यह परियोजना लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, उन्नाव, रायबरेली और बाराबंकी जिलों को कवर करती है।

बैठक में अगले तीन महीनों की योजनाओं पर भी चर्चा हुई, जिनमें उत्तर प्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग एक्ट-2025, लैंड पूलिंग पॉलिसी-2025 और भवन उपविधि-2025 को लागू करना शामिल है। इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति की संशोधित गाइडलाइन भी जल्द जारी होगी।

CM Yogi Adityanath   को बताया गया कि शहरी विस्तार और नए शहरों को बढ़ावा देने वाली योजनाएं जून से दिसंबर 2025 तक चरणबद्ध रूप से शुरू की जाएंगी। इसमें झांसी, बरेली, अलीगढ़, सहारनपुर, आगरा, कानपुर, मथुरा, मुरादाबाद, बुलंदशहर, गाज़ियाबाद, मेरठ और लखनऊ जैसे शहर शामिल होंगे।

CM Yogi Adityanath   ने कहा कि प्रदेश के 59 नगरों की जीआईएस आधारित मास्टर प्लान तैयार की जा रही हैं, जिनमें से 42 को मंजूरी मिल चुकी है। बाकी 4 नगरों की योजनाएं इस माह के अंत तक स्वीकृत की जाएं।

अंत में उन्होंने निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए पीपीपी मॉडल को प्राथमिकता देने, प्रवासी श्रमिकों के लिए विशेष आवास योजनाएं शुरू करने और पर्यावरणीय मानकों जैसे सोलर रूफटॉप, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और कचरा प्रबंधन को अनिवार्य बनाने के निर्देश दिए। साथ ही यूपी हाउसिंग ऐप और रेरा पोर्टल को और ज्यादा आसान और पारदर्शी बनाने पर भी बल दिया।

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