CM Yogi Adityanath ने आईआईएम लखनऊ और भारतीय डाक सेवा के अधिकारियों के साथ ‘महाकुंभ के माध्यम से राष्ट्र निर्माण’ विषय पर संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया।
उत्तर प्रदेश के CM Yogi Adityanath ने कहा कि कुंभ हमारी प्राचीन विरासत का हिस्सा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रयागराज महाकुंभ-2025 को दिव्य, भव्य और डिजिटल रूप में आयोजित किया गया, जिसमें 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। यह आयोजन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना को साकार करने का माध्यम बना, जहां जाति, भाषा, क्षेत्र या पंथ का कोई भेदभाव नहीं था।
CM Yogi Adityanath ने ‘महाकुंभ द्वारा राष्ट्र निर्माण’ विषय पर आईआईएम लखनऊ और भारतीय डाक सेवा के अधिकारियों के साथ संवाद किया। उन्होंने बताया कि प्रयागराज महाकुंभ आस्था और अर्थव्यवस्था का संगम साबित हुआ। केंद्र और राज्य सरकार ने इसके लिए 7,500 करोड़ रुपये खर्च किए, जिसमें से 6,000 करोड़ रुपये प्रयागराज और आसपास के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास में लगाए गए। इससे प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़े।
CM Yogi Adityanath ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रयागराज कुंभ-2019 को स्वच्छता, सुरक्षा और सुव्यवस्था का प्रतीक बनाया गया। पहले कुंभ के प्रति अव्यवस्था और गंदगी की धारणा थी, जिसे सरकार ने बदलकर दिखाया। भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की गई, जिससे यह आयोजन वैश्विक स्तर पर आकर्षण का केंद्र बना।
महाकुंभ-2025 की तैयारियां 2022 से ही शुरू कर दी गई थीं। आयोजन स्थल 4,000 हेक्टेयर में फैला था, जिसे 25 सेक्टरों में बांटा गया। 30 पांटून पुल, 500 किलोमीटर चेकर्ड प्लेट, डेढ़ लाख शौचालय और एक लाख से अधिक टेंट लगाए गए। प्रयागराज में 200 से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण, 14 नए फ्लाईओवर और कई धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार किया गया।
यह महाकुंभ डिजिटल भी रहा, जिसमें एआई आधारित चैटबॉट, डिजिटल टूरिस्ट मैप और 2,700 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। पहली बार एंटी-ड्रोन सिस्टम का उपयोग हुआ। जल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रयास किए गए और यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लगातार निगरानी रखी।
45 दिनों के इस आयोजन में प्रमुख पर्वों पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने स्नान किया। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, 12 देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 100 से अधिक देशों से आए लोग भी इसमें शामिल हुए। इसे विश्व मीडिया ने मानवता का सबसे बड़ा समागम बताया।
CM Yogi Adityanath ने कहा कि महाकुंभ न केवल भारत की सांस्कृतिक धरोहर है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसकी महत्ता को स्वीकार किया गया है। यूनेस्को ने इसे मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता दी है, जिससे भारत की संस्कृति और आध्यात्मिकता को नई पहचान मिली है।