राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने जयपुर में श्वास रोगों की 27वीं कांफ्रेंस ‘नैपकॉन’ में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आयुष्मान भारत योजना के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने श्वास संबंधित रोगों की बढ़ती संख्या को देखते हुए चिकित्सकों से स्वास्थ्य सेवाओं की सभी तक पहुंच, गुणवत्ता और बेहतर प्रबंधन के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने श्वास रोगों के निदान के लिए प्रभावी तंत्र के निर्माण पर भी जोर दिया।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे गुरुवार को बिड़ला सभागार में आयोजित श्वास संबंधित रोगों की 27वीं कांफ्रेंस “नैपकॉन” में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने पर्यावरण प्रदूषण और धूम्रपान जैसे कारकों के कारण श्वसन रोगों में वृद्धि की समस्या पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग रोगों की पहचान और उपचार के लिए किया जाना चाहिए, ताकि लोगों को रोग जागरूकता और उपचार के बारे में सही जानकारी मिल सके।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने इस अवसर पर तंबाकू और धूम्रपान के खतरों के बारे में भी चेतावनी दी, और इनसे जुड़ी कैंसर जैसी बीमारियों के प्रति लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता व्यक्त की। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना को दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना बताया और कहा कि यह योजना गरीबों और वंचितों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराती है।
राज्यपाल ने इस योजना के अधिकतम उपयोग की अपील करते हुए चिकित्सकों से आग्रह किया कि वे इसका लाभ मरीजों तक पहुंचाएं, ताकि उन्हें सर्वोत्तम इलाज मिल सके।
इस कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने “नैपकॉन” की स्मारिका का भी विमोचन किया।